जमशेदपुर (लोकतंत्र सवेरा) : शहर के मानगो डिमना चौक स्थित एमजीएम अस्पताल में बुधवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक मरीज ने अस्पताल की तीसरी मंजिल की खिड़की से कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने की कोशिश की। हालांकि, मौके पर तैनात होमगार्ड जवान की मुस्तैदी से एक बड़ा हादसा होने से टल गया।


क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, जुगसलाई निवासी राम मुंडा अस्पताल की चौथी मंजिल स्थित मेडिकल वार्ड में भर्ती था। बुधवार दोपहर वह अचानक वार्ड से निकलकर तीसरी मंजिल पर पहुंच गया और वहां स्थित खिड़की से नीचे कूदने का प्रयास करने लगा। मरीज को खिड़की पर लटका देख वहां मौजूद मरीजों और तीमारदारों के बीच हड़कंप मच गया और चीख-पुकार शुरू हो गई।
जवान की सतर्कता ने बचाई जान
उसी दौरान नियमित ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड जवान सुरेंद्र प्रसाद की नजर उस मरीज पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जवान ने बिना पल गंवाए दौड़कर मरीज को खिड़की से कूदने से ठीक पहले मजबूती से पकड़ लिया। शोर सुनकर अन्य सुरक्षाकर्मी भी वहां पहुंचे और सभी की मदद से मरीज को सुरक्षित वापस मेडिकल वार्ड में लाया गया।
फिलहाल निगरानी में है मरीज
घटना के बाद मरीज राम मुंडा को मेडिकल वार्ड के बेड नंबर 501 पर शिफ्ट कर दिया गया है, जहाँ डॉक्टर और सुरक्षाकर्मी उसकी कड़ी निगरानी कर रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मरीज की मानसिक स्थिति की जांच (Psychiatric Evaluation) कराने का निर्देश दिया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर एमजीएम अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और वार्डों की खिड़कियों की मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा और सख्त की जाएगी। फिलहाल, अस्पताल के कर्मचारियों और मरीजों ने जवान सुरेंद्र प्रसाद की बहादुरी की जमकर सराहना की है।
