रांची : झारखंड सरकार ने राज्य में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कैश रिवार्ड पॉलिसी लागू कर दी है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में संकल्प जारी कर दिया। नई व्यवस्था के तहत अफीम, हेरोइन, ब्राउन शुगर, सिंथेटिक ड्रग्स समेत अन्य मादक पदार्थों के अवैध कारोबार की सूचना देने वाले व्यक्तियों को तीन हजार रुपये से लेकर दो लाख रुपये तक का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।



सरकार की यह पहल राज्य में नशा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने और आम लोगों को इसके खिलाफ सूचना देने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस नीति को 27 मई को आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई थी।
सूचना देने वालों की पहचान रहेगी पूरी तरह गोपनीय……
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नशे के अवैध कारोबार की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान, नाम-पता और अन्य व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यह नीति एनडीपीएस एक्ट, 1985 के प्रावधानों के अनुरूप लागू की गई है। इसके दायरे में मादक पदार्थों का अवैध उत्पादन, तस्करी, खरीद-बिक्री, भंडारण और परिवहन जैसी सभी गतिविधियां शामिल होंगी।
पुलिसकर्मियों और सरकारी कर्मचारियों को भी मिलेगा पुरस्कार……
इस योजना का लाभ केवल आम नागरिकों तक सीमित नहीं रहेगा। नशा तस्करों को पकड़ने, बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त करने अथवा अवैध कारोबार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों को भी पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा तथा नशा तस्करी के खिलाफ अभियान को मजबूती मिलेगी।
उच्चस्तरीय समिति करेगी जांच…..
पुरस्कार राशि प्रदान करने के लिए राज्य सरकार एक उच्चस्तरीय विशेष समिति का गठन करेगी। समिति सूचना की सत्यता, कार्रवाई की सफलता तथा बरामद मादक पदार्थों की मात्रा और श्रेणी का परीक्षण करेगी। जांच में सूचना सही पाए जाने पर समिति अधिकतम दो लाख रुपये तक का पुरस्कार देने की अनुशंसा करेगी।
मात्रा और श्रेणी के आधार पर तय होगी इनाम राशि…….
सरकार के अनुसार पुरस्कार की राशि मादक पदार्थों की श्रेणी और बरामदगी की मात्रा के आधार पर निर्धारित की जाएगी। सटीक एवं उपयोगी सूचना देने पर न्यूनतम तीन हजार रुपये तथा अधिकतम दो लाख रुपये तक का नकद इनाम दिया जाएगा. राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस नई नीति से आम जनता की सहभागिता बढ़ेगी और नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को नई गति मिलेगी। साथ ही राज्य में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।



