गुवा (संवाददाता) : सेल (SAIL) प्रबंधन द्वारा जबरन बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू किए जाने के फैसले के विरोध में गुवा के श्रमिकों और यूनियनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। शनिवार की शाम संयुक्त यूनियन के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में सेलकर्मियों, ठेका श्रमिकों और महिला कार्यकर्ताओं ने गुवा सेल के जनरल ऑफिस के समक्ष प्रबंधन का पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की।



न्यायालय के आदेश की धज्जियां उड़ा रहा प्रबंधन : रामा पांडे
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने प्रबंधन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बायोमेट्रिक प्रणाली का मामला अभी अदालत में विचाराधीन है। न्यायालय ने आगामी 15 जून तक यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने का स्पष्ट निर्देश दिया है।
“अदालत का अंतिम फैसला आने से पहले इस व्यवस्था को जबरन थोपने का प्रयास सीधे तौर पर न्यायपालिका की अवमानना और संवैधानिक भावना के खिलाफ है। संयुक्त यूनियन न्यायपालिका का पूरा सम्मान करती है। 15 जून को अदालत जो भी निर्णय देगी, हमें स्वीकार होगा, लेकिन तब तक प्रबंधन की किसी भी तानाशाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
— रामा पांडे, केंद्रीय अध्यक्ष (झारखंड मजदूर संघर्ष संघ)
मजदूरों में भारी असंतोष, लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा आंदोलन
यूनियन नेताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि बायोमेट्रिक व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों और ठेका मजदूरों में व्यापक आक्रोश है। प्रबंधन उनकी जायज आपत्तियों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। नेताओं ने कहा कि जब तक कोर्ट का अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक इस व्यवस्था को लागू करने के हर प्रयास का लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से कड़ा विरोध किया जाएगा।
प्रदर्शन में इन प्रमुख नेताओं की रही मौजूदगी
इस विशाल विरोध-प्रदर्शन में सभी प्रमुख यूनियनों की एकजुटता देखने को मिली। मौके पर मुख्य रूप से:
- अंतरयामी महाकुड़ (महामंत्री, झारखंड मजदूर संघर्ष संघ)
- विश्वजीत तांती व मनोज सिंह (बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन – इंटक)
- पंचम जॉर्ज सोय (झारखंड मजदूर मोर्चा)
- राजेश कोड़ा (सप्लाई मजदूर संघ)
- कुल बहादुर (सारंडा मजदूर संघ)
इसके अलावा भारी संख्या में सेल के नियमित कर्मचारी, दैनिक वेतनभोगी और महिला कार्यकर्ता अपनी आवाज बुलंद करने के लिए सड़कों पर उतरे।



