पटना/भोजपुर : बिहार के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में अब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भी एंट्री हो गई है। श्रीलंका प्रवास से लौटने के बाद उन्होंने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति शरण में आया हो तो उसकी हत्या नहीं की जानी चाहिए थी। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि किसी व्यक्ति पर आरोप होने की स्थिति में उसे कानून के अनुसार गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून के शासन में किसी की जान लेना समाधान नहीं है। उन्होंने सरकार से मामले की विशेष जांच कराकर सच्चाई सामने लाने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की. उन्होंने यह भी कहा कि वह जल्द ही बिहार पहुंचकर भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात करेंगे तथा उनका पक्ष सुनेंगे।
क्या है भरत तिवारी एनकाउंटर मामला…..
गौरतलब है कि भोजपुर जिले के बेलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की 17 जून को पुलिस कार्रवाई के दौरान मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से राज्य में लगातार विरोध-प्रदर्शन जारी है। मामले में संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बावजूद परिजनों और समर्थकों का आक्रोश शांत नहीं हुआ है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी प्रारंभिक जांच में कुछ स्तर पर चूक होने की बात स्वीकार की है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
आज बेलौटी में होगी विशाल महापंचायत…..
भरत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर मंगलवार को भोजपुर जिले के बेलौटी गांव में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, इस महापंचायत में बिहार सहित उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना समेत कई राज्यों से हजारों लोग शामिल होंगे. आयोजकों का दावा है कि महापंचायत में करणी सेना, परशुराम महासभा, हिंदू महासभा, ब्राह्मण महासभा, हिंदू जागरण मंच सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। कार्यक्रम को भरत तिवारी न्याय आंदोलन का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।
अधिवक्ता और राजनीतिक प्रतिनिधि भी होंगे शामिल…..
महापंचायत में उच्च न्यायालय एवं अन्य न्यायालयों से जुड़े वरिष्ठ अधिवक्ताओं को भी आमंत्रित किया गया है। अधिवक्ता मामले के कानूनी पहलुओं पर अपने विचार रखेंगे तथा न्यायिक लड़ाई को आगे बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं।
10 हजार तक लोगों के जुटने की संभावना…..
महापंचायत के लिए बक्सर-आरा फोरलेन के समीप स्थित एक बड़े बगीचे का चयन किया गया है। आयोजन स्थल पर विशाल पंडाल, मंच, पेयजल, भोजन तथा वाहनों की पार्किंग सहित आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। आयोजन समिति का अनुमान है कि कार्यक्रम में पांच से दस हजार तक लोगों की उपस्थिति हो सकती है. कार्यक्रम की तैयारियों में स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं ग्रामीण सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। प्रशासन भी कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष नजर बनाए हुए है।
