बिना लाइसेंस शराब बेचने वालों को चेतावनी, नियम तोड़ने पर होटल सील करने की दी गई हिदायत
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने अवैध नशाखोरी और शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार देर रात चाईबासा शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया। सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) के निर्देश पर जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने चाईबासा बाईपास सहित कई छोटे एवं लाइन होटलों में दबिश देकर सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया।

गुप्त सूचना पर गठित हुई संयुक्त टीम……
प्रशासन को चाईबासा बाईपास, खप्परसाई, सिंकूरसाई और टेकासाई क्षेत्र के कई होटलों में अवैध शराब की बिक्री तथा सार्वजनिक स्थानों पर नशाखोरी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। सूचना के सत्यापन के बाद अंचल अधिकारी उपेंद्र कुमार के नेतृत्व में संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने एक साथ विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की। पुलिस बल को अचानक पहुंचता देख कई होटलों में अफरा-तफरी मच गई, जबकि कुछ लोग मौके से भागने में सफल रहे।
होटलों के लाइसेंस और दस्तावेजों की हुई जांच……
छापेमारी के दौरान होटलों में शराब परोसने की वैधता, लाइसेंस और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की गई। अंचल अधिकारी उपेंद्र कुमार ने होटल संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी कि बिना वैध लाइसेंस के शराब बेचना या परोसना पूरी तरह गैरकानूनी है। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्धारित समय सीमा के बाद किसी भी स्थिति में होटल संचालित नहीं किए जाएं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर होटल सील करने के साथ संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नशाखोरी से बढ़ती हैं अपराध और दुर्घटनाएं……
अंचल अधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने से सामाजिक माहौल प्रभावित होता है और अपराध तथा सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे मामलों पर प्रशासन की लगातार नजर है और आगे भी नियमित रूप से औचक जांच अभियान चलाए जाएंगे।
स्थानीय लोगों ने की कार्रवाई की सराहना……
इस अभियान में सदर थाना प्रभारी हीरालाल महतो, मुफ्फसिल थाना प्रभारी विनोद कुमार समेत जिला प्रशासन एवं पुलिस बल के जवान शामिल रहे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि देर रात तक खुले रहने वाले होटलों में लंबे समय से अवैध गतिविधियों की शिकायत मिल रही थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और नशाखोरी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ऐसे अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे।

