जमशेदपुर : करीब 25 वर्षों से केबुल टाउन स्थित क्वार्टरों और बंगलों में रह रहे लोगों की धड़कनें अब तेज हो गई हैं। इंकेब इंडस्ट्रीज लिमिटेड की संपत्तियों का स्वामित्व वेदांता लिमिटेड को मिलने के बाद कंपनी ने अवैध कब्जाधारियों को बेदखल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी क्रम में कई लोगों को कानूनी नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें जमशेदपुर के पूर्व सिटी डीएसपी नागेंद्र चौधरी की पत्नी वसुंधरा चौधरी को भी बंगला खाली करने का नोटिस भेजा गया है। बताया जा रहा है कि कुछ अन्य सेवानिवृत्त अधिकारियों को भी इसी तरह के नोटिस जारी किए गए हैं।

25 वर्षों से रह रहे लोगों में मचा हड़कंप……
अप्रैल 2000 में इंकेब इंडस्ट्रीज के बंद होने के बाद कंपनी के क्वार्टरों और बंगलों में रह रहे कई कर्मचारी वहीं बसे रह गए थे। समय के साथ इन आवासों पर स्थायी रूप से कब्जा हो गया। अब वेदांता द्वारा अचानक बेदखली की कार्रवाई शुरू किए जाने से करीब 1200 से अधिक आवासों में रहने वाले लोगों के सामने भविष्य को लेकर अनिश्चितता खड़ी हो गई है।
बच्चों की पढ़ाई के लिए मिला था अस्थायी लाइसेंस……
कंपनी द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, वसुंधरा चौधरी को वर्ष 2001 में बच्चों की पढ़ाई के उद्देश्य से तीन माह के लिए बंगले का अस्थायी लाइसेंस दिया गया था। यह अवधि मई 2001 में ही समाप्त हो गई थी। कंपनी का कहना है कि निर्धारित समय समाप्त होने के बावजूद आवास खाली नहीं किया गया, जो नियमों का उल्लंघन है। इसलिए तत्काल बंगला खाली करने का निर्देश दिया गया है। अन्यथा कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
एनसीएलटी के आदेश के बाद वेदांता बनी संपत्तियों की मालिक…….
वेदांता लिमिटेड ने सार्वजनिक सूचना जारी कर स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी), कोलकाता पीठ ने 3 दिसंबर 2025 को इंकेब इंडस्ट्रीज के लिए प्रस्तुत रिजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दे दी थी। इसके बाद कंपनी की सभी चल-अचल संपत्तियों का स्वामित्व, अधिकार और हित पूरी तरह वेदांता लिमिटेड को प्राप्त हो गया है।
खरीद-बिक्री, किराया या कब्जा पूरी तरह प्रतिबंधित……
कंपनी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इंकेब की किसी भी भूमि या भवन पर नया कब्जा, अतिक्रमण, अवैध प्रवेश, खरीद-बिक्री, किराये पर देना या किसी प्रकार का लेन-देन पूरी तरह प्रतिबंधित है। कंपनी की लिखित अनुमति के बिना किया गया कोई भी सौदा अवैध माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ जेल तक की नौबत आ सकती है।
किसी के झांसे में न आने की अपील……
वेदांता ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे किसी दलाल या तीसरे व्यक्ति के बहकावे में आकर इंकेब की जमीन या भवन से संबंधित किसी प्रकार का लेन-देन न करें। कंपनी के अनुसार उसकी अनुमति के बिना किया गया कोई भी समझौता वैध नहीं माना जाएगा।
एक नजर में केबुल टाउन की स्थिति…..
कुल आवास (क्वार्टर, फ्लैट एवं बंगले) : 1000 से 1200
सुरक्षा क्वार्टर (सी टाइप) : लगभग 100
डी-5 क्वार्टर : 36
जी-4 क्वार्टर : 12
एल-4 क्वार्टर : 200 से 225
तीन मंजिला फ्लैट : 18
(नोट : यह समाचार उपलब्ध दस्तावेजों, कंपनी के सार्वजनिक नोटिस और संबंधित पक्षों को जारी नोटिस के आधार पर तैयार किया गया है।)

