- घटना: नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में आक्रोश।
- नेतृत्व: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पूर्वी सिंहभूम जिला समिति द्वारा जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन के नेतृत्व में कार्यक्रम।
- स्थान: जमशेदपुर, साकची गोलचक्कर।
- मुख्य मांगें: NEET परीक्षा, सीबीएसई मार्किंग में गड़बड़ी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार।
जमशेदपुर : राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET), सीबीएसई परीक्षा मार्किंग में गड़बड़ी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर देश की राजधानी नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे देश भर के छात्रों पर पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) उग्र हो गया है। झामुमो केंद्रीय समिति के निर्देशानुसार, पूर्वी सिंहभूम जिला समिति द्वारा आज जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन के नेतृत्व में जमशेदपुर के साकची गोलचक्कर पर केंद्र सरकार का पुतला दहन किया गया।

पुतला दहन के दौरान झामुमो के आक्रोशित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने केंद्र की वर्तमान सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे पूर्व, झामुमो कार्यकर्ताओं ने दोषी मंत्रियों और सरकार के सांकेतिक पुतलों को अपने कंधों पर ‘लाशों’ के रूप में लादकर जिला संपर्क कार्यालय से साकची गोलचक्कर तक एक आक्रोश मार्च निकाला।
लोकतन्त्र हाशिए पर : विक्टर सोरेन
इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में जुटे आमजनों और झामुमो कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन ने केंद्र सरकार की नीतियों को सरासर तानाशाही रवैया करार दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जता रहे छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज यह स्पष्ट करता है कि देश में लोकतंत्र हाशिए पर जा चुका है। गलत का विरोध करने पर आज लाठी और जेल का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संसद में भी विपक्षी दलों के नेताओं को आवाज उठाने से रोकने जैसी स्थिति बन गई है, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का पूर्ण हनन है। उन्होंने देश के युवाओं और आम जनता से केंद्र सरकार के विरुद्ध लोकतांत्रिक तरीकों से एकजुट होकर विरोध दर्ज कराने का आह्वान किया।
इन दिग्गजों ने किया संबोधित
कार्यक्रम को संबोधित करने वाले प्रमुख नेताओं में केंद्रीय सदस्य प्रमोद लाल, शेख बदरुद्दीन, गुरुचरण किस्कू मामा, आस्तिक महतो, मनोज यादव, बारी मुर्मू और बीर सिंह सुरीन शामिल रहे। सभी वक्ताओं ने केंद्र सरकार की दमनकारी नीतियों की कड़ी निंदा की।
कार्यक्रम में इनकी रही विशेष उपस्थिति
इस पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष सागेन पूर्ति, मो. जलील, माणिक मल्लिक, प्रीतम हेंब्रम, सुशील हेंब्रम, लाल्टू महतो, महावीर मुर्मू, पंकज सिन्हा, उमानाथ झा, अजय रजक, लकी सिंह, अंकित सिंह, पप्पू यादव, गोल्डी तिवारी, अभय पाण्डेय, गुरमीत सिंह गिल, फैयाज अहमद खान, बंटी सिंह, वार्ड पार्षद इरफाना खातून, परवीन बानो, रानी सिंह, गंगा देवी, सविता दास, रजनी दास, झरना पाल, नीता सरकार, द्रौपदी मुंडा, अनीता देवी, रोहित लोहारा, चंदन महतो, आशीष श्रीवास्तव, कुंदन झा, अमन राय, शाहनवाज हुसैन सहित काफी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता और आम नागरिक उपस्थित रहे।
