रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर सीआईडी की कार्रवाई लगातार जारी है। गुरुवार को सीआईडी की टीम ने JPSC के निवर्तमान अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एल. ख्यांग्ते के कांके रोड स्थित आवास पर छापेमारी की। सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर पुलिस बल की भी तैनाती की गई है। सीआईडी की टीम आवास पर परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री की जांच कर रही है। इससे पहले बुधवार को सीआईडी ने JPSC परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतों के आधार पर कांड संख्या 16/2026 दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले में अब तक उप परीक्षा नियंत्रक समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

21 जुलाई को JPSC कार्यालय समेत कई ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
JPSC परीक्षा में अनियमितता की शिकायतों के बाद राज्य सरकार के निर्देश पर 21 जुलाई को सीआईडी की विशेष टीम ने रांची पुलिस के सहयोग से JPSC कार्यालय, परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी TDPL के कार्यालय समेत कई अन्य ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इस दौरान जांच टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और अन्य सामग्रियां जब्त कर जांच शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में मिले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर सीआईडी ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है।
उप परीक्षा नियंत्रक समेत पांच आरोपी गिरफ्तार
जांच के आधार पर सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026, दिनांक 22 जुलाई 2026, दर्ज किया गया। इसके बाद श्वेता कुमारी गुप्ता, उप परीक्षा नियंत्रक JPSC; रामवीर सिंह, निदेशक TSR Data Processing Private Limited; मोहम्मद उस्मान; मोहम्मद एबाद और अभय कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को बुधवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते के आवास पर सीआईडी की छापेमारी के बाद इस मामले की जांच और भी महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, छापेमारी के दौरान क्या-क्या दस्तावेज या डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
