जमशेदपुर : कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम (MGM Hospital) में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं एक बार फिर से पूरी तरह चरमरा गई हैं। सात मंजिला इस बड़े अस्पताल में मरीजों की जान के साथ किस तरह खिलवाड़ हो रहा है, इसकी बानगी यहां की लिफ्ट व्यवस्था को देखकर साफ लगाई जा सकती है। अस्पताल में कुल 16 लिफ्टें लगाई गई हैं, जिनमें से 14 लिफ्टें लंबे समय से खराब और बंद पड़ी हैं। वर्तमान में पूरा सात मंजिला अस्पताल महज एक ही लिफ्ट के भरोसे चल रहा है, जिसके चलते मरीजों और उनके परिजनों की मुसीबतें सातवें आसमान पर पहुंच गई हैं।

गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों की बढ़ी दुश्वारियां
अस्पताल के अलग-अलग विभाग अलग-अलग तल्लों पर संचालित होते हैं। प्रथम तल पर मेडिसिन ओपीडी, दूसरे तल पर गायनिक विभाग (प्रसव केंद्र) और चौथे तल पर मरीजों के भर्ती वार्ड व अन्य महत्वपूर्ण विभाग हैं।
लिफ्ट बंद होने के कारण सबसे बुरा हाल गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और हड्डी रोग से पीड़ित गंभीर मरीजों का है। मजबूरी में इन मरीजों और उनके तीमारदारों को कई मंजिलें सीढ़ियों के सहारे पैदल चढ़कर तय करनी पड़ रही हैं। कई बार गंभीर मरीजों को परिजनों द्वारा गोद में या स्ट्रेचर की जगह चादर पर खींचकर ऊपर ले जाते हुए देखा जा सकता है, जिससे मरीजों की तकलीफें और अधिक बढ़ जाती हैं।
कर्मचारी कंधे पर लादकर ढो रहे दवाइयां
अस्पताल की सर्विस बिल्डिंग में बनी लिफ्ट भी खराब पड़ी है, जहां प्रथम तल पर सेंट्रल मेडिकल स्टोर स्थित है। लिफ्ट बंद होने के कारण चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों को भारी-भरकम दवाइयों की पेटियां और मेडिकल सप्लाई अपनी पीठ और कंधों पर लादकर सीढ़ियों से ऊपर-नीचे ढोनी पड़ रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि दिनभर में कई-कई बार भारी वजन लेकर सीढ़ियां चढ़ने से उनकी सेहत पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
परिजनों का फूटा गुस्सा, प्रबंधन बेपरवाह
अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं के इस तरह दम तोड़ने से आम जनता और मरीजों के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोगों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर समस्या पर पूरी तरह आंखें मूंदकर बैठा है। मरीजों का कहना है कि जरा-जरा सी जांच और इलाज के लिए उन्हें भारी शारीरिक पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन अधिकारी सिर्फ आश्वासन देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार?
इस पूरे मामले पर जब अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बलराम झा से बात की गई, तो उनका कहना था कि अस्पताल की सभी लिफ्टों के रखरखाव और मरम्मत के लिए लंबी अवधि के एग्रीमेंट की प्रक्रिया चल रही है। फाइल विभागों को भेजी गई है, जल्द ही एग्रीमेंट पूरा होते ही सभी खराब लिफ्टों को ठीक करवा दिया जाएगा। बहरहाल, प्रशासनिक दावों और कागजी फाइलों के बीच एमजीएम अस्पताल आने वाले मरीज हर रोज दर्द और बदहाली की सीढ़ियां चढ़ने को मजबूर हैं। देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक ठोस कदम उठाता है।
