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नई कार्यसमिति में कोल्हान क्षेत्र की 14 विधानसभा सीटों पर विशेष पकड़ बनाने के लिए यहाँ के कुल 23 नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रदेश संगठन में प्रतिनिधित्व दिया गया है।

इसमें 14 प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, 4 विशेष आमंत्रित सदस्य और 5 स्थायी आमंत्रित सदस्य शामिल हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में चुनावी रण के लिहाज से कोल्हान को भाजपा बेहद अहम मानकर चल रही है।
इस नई सूची में जमशेदपुर से दो चौंकाने वाले और नए चेहरों को शामिल किया गया है:
दुलाल भुइयां: जो हाल ही में अन्य दलों का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे।
मीरा मुंडा: पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के प्रभाव वाले क्षेत्र को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से इन्हें मैदान में उतारा गया है।
इसके अलावा, ग्रामीण और शहरी संतुलन साधते हुए काजल प्रधान और डॉ. सुनीता देवदूत सोरेन को भी प्रभावी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। वहीं सरायकेला-खरसावां और चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम) से रमेश हांसदा, जेबी तुबिद, मालती गिलुवा समेत कई अन्य नेताओं को भी कार्यसमिति में जगह मिली है।
पार्टी ने अपने पुराने और अनुभवी दिग्गजों पर भरोसा बनाए रखा है। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, चंपई सोरेन, मधु कोड़ा के साथ-साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी को भी स्थायीय आमंत्रित सदस्य के रूप में, संगठन को उनका मार्गदर्शन मिलता रहे, इस हेतु शामिल किया गया है।
जहाँ एक तरफ नई टीम में कई नए और पुराने चेहरों को प्रमोट किया गया है, वहीं दूसरी तरफ कई ऐसे कद्दावर नेता भी हैं जो बड़ी जिम्मेदारी की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन सूची में नाम न आने से उनकी उम्मीदों को झटका लगा है। विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी ने इस बार व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं के बजाय पूरी तरह से रणनीतिक और सामाजिक समीकरणों को प्राथमिकता दी है।
इस नई कार्यसमिति के गठन के साथ ही साफ हो गया है कि भाजपा ने झारखंड की राजनीति में अपनी जमीन को और मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।