जमशेदपुर : शहर और आसपास के इलाकों में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के बीच बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सरायकेला-खरसावां स्थित चांडिल डैम के नौ फाटक खोल दिए गए हैं। वहीं, ओडिशा के व्यांगबील डैम के भी छह फाटक खोले गए हैं। दोनों डैम के फाटक खुलने के बाद स्वर्णरेखा और खरकई नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जिससे नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

निचले इलाकों में बढ़ा बाढ़ का खतरा…..
नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण निचले इलाकों में पानी घुसने लगा है। कई स्थानों पर घरों के आसपास बाढ़ का पानी पहुंचने की सूचना है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है और संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है. प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। लोगों से नदी से पर्याप्त दूरी बनाए रखने और किसी भी परिस्थिति में नदी के पानी में उतरने या नदी किनारे जाने से बचने की अपील की गई है।
उफान पर स्वर्णरेखा और खरकई……
लगातार बारिश और डैम से पानी छोड़े जाने के कारण स्वर्णरेखा और खरकई दोनों नदियां उफान पर हैं। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। नदी किनारे बसे इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है. वहीं, दूसरी ओर चांडिल डैम के फाटक खोले जाने के बाद डैम का नजारा देखने के लिए स्थानीय लोगों और सैलानियों की भीड़ उमड़ रही है। बड़ी संख्या में लोग डैम पहुंचकर फाटकों से निकलते पानी और प्राकृतिक नजारे का आनंद लेते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, प्रशासन ने लोगों से सुरक्षा को प्राथमिकता देने और जलाशय तथा नदी के खतरनाक हिस्सों से दूर रहने की अपील की है।