रांची : झारखंड के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार का रविवार तड़के हृदयाघात से निधन हो गया। उन्होंने बताया कि 56 वर्षीय कुमार को देर रात करीब ढाई बजे उनके गृह नगर गिरिडीह के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने सुबह करीब चार बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया। झारखंड सरकार ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता और मंत्री सुदिव्य कुमार के सम्मान में दो दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। अधिकारियों ने बताया कि इस अवधि के दौरान राज्य सरकार के सभी निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, सात सितंबर को झारखंड सरकार के सभी कार्यालय बंद रहेंगे। अधिसूचना में कहा गया है,

‘‘राज्य सरकार ने मंत्री सुदिव्य कुमार के आज सुबह निधन के बाद छह और सात सितंबर को दो दिन का राजकीय शोक मनाने का फैसला किया है।’’ बयान में कहा गया कि झारखंड में जिन सरकारी भवनों पर नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है, वहां राजकीय शोक के दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी सहयोगी रहे कुमार ने झामुमो के नेतृत्व वाली सरकार के सामने आए कई राजनीतिक संकटों से निपटने में अहम भूमिका निभाई थी। इनमें पिछले महीने रांची में हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन का मामला भी शामिल था।
मर्सी अस्पताल से सुदिव्य सोनू का पार्थिव शरीर उनके आवास पर ले जाया गया। उनका पार्थिव शरीर विधानसभा नहीं लाया जाएगा। गृह क्षेत्र गिरिडीह में ही आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दोपहर करीब 12 बजे तक गिरिडीह पहुंचेंगे। इसके बाद कार्यक्रम शुरू होगा। अंतिम संस्कार गिरिडीह के उसरी नदी घाट स्थित हरसिंहरायडीह श्मशान घाट में किया जाएगा। सरकार ने उनके निधन पर दो दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है।
अंतिम दर्शन को आवास पर उमड़े लोग
निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए शहर के विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों से गुजारा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में शहरवासी सड़क किनारे खड़े होकर अपने जनप्रतिनिधि को अंतिम विदाई देने पहुंचे। मंत्री के पार्थिव शरीर के शहर से गुजरने की सूचना मिलते ही लोगों की भीड़ प्रमुख मार्गों पर जुटने लगी। कई लोगों ने हाथ जोड़कर उन्हें श्रद्धांजलि दी, जबकि समर्थकों और आम लोगों की आंखें नम नजर आईं। लोगों ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का असमय निधन गिरिडीह के लिए बड़ी क्षति है।
