जमशेदपुर : मानगो में बन रही एक नई जलापूर्ति पाइपलाइन को लेकर जन विकास मंच अध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सौरभ विष्णु ने गंभीर सवाल उठाए हैं। सुभाष कॉलोनी से मानगो ब्रिज तक, नए फ्लाईओवर के नीचे बिछाई जा रही इस पाइपलाइन पर करदाताओं/राज्य सरकार के अनुमानतः ₹60 करोड़ खर्च हो रहे हैं। सौरभ विष्णु का कहना है कि यह पाइपलाइन मानगो निवासियों की भूमि से होकर, उनके घरों के ठीक सामने से गुजरती है, किंतु इसका मुख्य उद्देश्य प्रतीत होता है टाटा स्टील कंपनी एवं उसके आवासीय क्वार्टरों को जलापूर्ति करना — न कि मानगो के सामान्य निवासियों को।

पूरा घटनाक्रम…..
मई 2025 : मानगो दाईगुट्टू क्षेत्र में जलापूर्ति की स्थाई समस्या को लेकर सौरभ विष्णु के नेतृत्व में एक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया, जिसमें 4 मुख्य मांगें रखी गईं — डिमना मोड़ से गुरुद्वारा कॉलोनी तक कम से कम 3 नई पानी टंकियां, डिमना लेक के निकट एक वाटर फिल्टर प्लांट, नए फ्लाईओवर के हर पिलर के नीचे फायर वाटर हाइड्रेंट, तथा नई पाइपलाइन के जॉइंटिंग बिंदुओं पर भविष्य की जलापूर्ति हेतु कमर्शियल ग्रेड टी-वाल्व।
जून 2025 : विश्लेषण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मानगो नोटिफाइड एरिया कमेटी क्षेत्र होने के कारण यहां नगर निगम का चुनाव लंबित है, तथा एक अनिर्वाचित पदाधिकारी जनता के प्रतिनिधित्व के अभाव में जलापूर्ति जैसे महत्वपूर्ण निर्णय ले रहा है — जबकि माननीय हाईकोर्ट के आदेशानुसार चुनाव हो जाना चाहिए था।
जुलाई 2025 : उपायुक्त कार्यालय को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। जांच के आदेश हुए, तथा मानगो क्षेत्र के प्रशासनिक अधिकारी श्री दीपांकर चौधरी से संपर्क कराया गया, जिन्होंने स्थल निरीक्षण कर सहमति जताई। इसी दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि डिमना से आ रहा पानी अनफिल्टर्ड है। इसके आधार पर एक अतिरिक्त ज्ञापन के माध्यम से मांगों को और विस्तृत किया गया।
इसके पश्चात : उपायुक्त का पदभार श्री अनन्य मित्तल से श्री कर्ण सत्यार्थी को हस्तांतरित होने के बाद भी सौरभ विष्णु ने यही प्रकरण पुनः उठाया, तथा यही ज्ञापन टाटा स्टील के कॉरपोरेट कार्यालय को भी प्रेषित किया।
सितंबर 2026 : चूंकि आज तक इन मांगों पर कोई लिखित, अंतिम निर्णय अथवा कार्रवाई की सूचना प्राप्त नहीं हुई, सौरभ विष्णु ने मानगो नगर निगम, उपायुक्त कार्यालय एवं जमशेदपुर अक्षेस — तीनों कार्यालयों को औपचारिक RTI आवेदन देकर यह स्पष्ट जानकारी मांगी है कि इस ₹60 करोड़ की पाइपलाइन को कौन वित्तपोषित कर रहा है, इसका वास्तविक लाभार्थी कौन है, तथा क्या मानगो के सामान्य निवासियों को भी इससे जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्य मुद्दा — जनता का पैसा, किसके लिए:
सौरभ विष्णु ने कहा, “यह सवाल सीधा है — यदि यह पाइपलाइन करदाताओं के पैसे से, मानगो की भूमि से होकर बनाई जा रही है, तो इसका पहला हक मानगो के निवासियों का होना चाहिए, न कि किसी निजी कंपनी की कॉलोनी का। दिलचस्प यह है कि जब यह अवसंरचना पहले से ही मानगो के ठीक सामने बिछ रही है, तब सतनाला डैम जैसे 13 किलोमीटर दूर, बिना किसी मौजूदा अवसंरचना वाले विकल्प पर चर्चा की जा रही है। जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उनके पैसे कहां जा रहे हैं।”
सौरभ विष्णु ने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा पूर्णतः पारदर्शिता एवं सार्वजनिक धन के उचित उपयोग से संबंधित है, तथा इसका किसी दल अथवा व्यक्ति-विशेष के पक्ष या विरोध से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने प्रशासन से RTI आवेदनों का शीघ्र एवं संपूर्ण उत्तर देने तथा मानगो निवासियों को इस अवसंरचना से न्यायसंगत जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
