मजदूर नेता सह समाजसेवी ने सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से उठाई मांग, बोले- “सिर्फ संवेदना नहीं, अब जिम्मेदारी निभाने का समय”
जमशेदपुर : एग्रिको में हुए दर्दनाक सड़क हादसे को लेकर मजदूर नेता सह समाजसेवी बंटी सिंह ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पीड़ित परिवारों के पक्ष में तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की। बंटी सिंह ने कहा कि हादसे में अपनों को खोने वाले परिवारों के दर्द की भरपाई दुनिया का कोई मुआवजा नहीं कर सकता, लेकिन उन्हें सम्मानजनक और उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की नैतिक एवं सामाजिक जिम्मेदारी है. उन्होंने एग्रिको हादसे की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भारी वाहनों के परिचालन और यातायात व्यवस्था की समीक्षा कर ठोस सुरक्षा इंतजाम किए जाने चाहिए।
“सिर्फ संवेदना नहीं, अब जिम्मेदारी निभाने का समय”…..
बंटी सिंह ने जमशेदपुर के वर्तमान और पूर्व सांसदों तथा विधायकों से भी पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि अपने निजी स्तर से कम से कम दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता पीड़ित परिवारों को दें. उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधित्व केवल चुनाव के दौरान जनता के दरवाजे तक पहुंचने तक सीमित नहीं होना चाहिए। जनता जब संकट में हो, तब उसके साथ मजबूती से खड़ा होना ही वास्तविक जनप्रतिनिधित्व है।
“जनता अपने जनप्रतिनिधियों से जवाबदेही मांगे”……
बंटी सिंह ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं और न्याय एवं उचित मुआवजे की लड़ाई में हरसंभव सहयोग करते रहेंगे। उन्होंने जनता से भी अपने जनप्रतिनिधियों से हिसाब और जवाबदेही मांगने की अपील की. उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में जनता सबसे बड़ी ताकत है। जनता अपनी आवाज लोकतांत्रिक तरीके से बुलंद करे और यह तय करे कि सुख-दुख में उसके साथ कौन खड़ा है।”
बंटी सिंह की प्रमुख मांगें……
एग्रिको सड़क हादसे की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच हो।
दोषियों और लापरवाही बरतने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
पीड़ित परिवारों को उचित एवं सम्मानजनक मुआवजा दिया जाए।
वर्तमान एवं पूर्व सांसद-विधायक निजी स्तर से कम से कम ₹2 लाख की सहायता दें।
भारी वाहनों के परिचालन और यातायात व्यवस्था की समीक्षा कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए।
बंटी सिंह ने स्पष्ट कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना, उन्हें उचित मुआवजा दिलाना और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित कराना ही प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के हक और सम्मान की आवाज आगे भी बुलंद की जाती रहेगी।


