जमशेदपुर : वर्ष 2017 में झारखंड अल्पसंख्यक आयोग के तत्कालीन उपाध्यक्ष एवं राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त गुरुदेव सिंह राजा के कार्यालय को तोड़े जाने के विरोध में हुए प्रदर्शन के मामले में करीब आठ साल बाद न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए सभी 14 आरोपियों को बरी कर दिया। मामले में जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी (जेएनएसी) एवं साकची थाना की ओर से कुल 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद न्यायालय ने सुनवाई पूरी करते हुए सभी 14 आरोपियों को आरोपों से बरी कर दिया। फैसला आने के बाद आरोपियों में खुशी का माहौल रहा। बरी हुए लोगों ने न्यायालय के फैसले के प्रति आभार जताते हुए मामले में पैरवी करने वाले अधिवक्ता मलकीत सिंह का भी धन्यवाद किया. वहीं, इसी मामले में टुइलाडुंगरी, गोलमुरी निवासी दशरथ शुक्ला की ओर से अधिवक्ता राजेश मिश्रा ने न्यायालय में पैरवी की। आठ वर्ष पुराने इस मामले में न्यायालय के फैसले के बाद आरोपियों को बड़ी राहत मिली है।
