18 जिलों से मिली प्रारंभिक रिपोर्ट; 33% से अधिक नुकसान पर किसानों को मिलेगा इनपुट अनुदान
पटना : बिहार में इस साल आई बाढ़ से करीब 270 करोड़ रुपये मूल्य की फसल बर्बाद होने का प्रारंभिक आकलन किया गया है। कृषि विभाग को अब तक बाढ़ प्रभावित 18 जिलों के 102 प्रखंडों से मिली रिपोर्ट के आधार पर यह आंकड़ा सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार करीब 1.76 लाख हेक्टेयर में लगी फसल को नुकसान पहुंचा है। हालांकि बाढ़ का पानी पूरी तरह उतरने के बाद होने वाले विस्तृत सर्वेक्षण में क्षति का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है। अगस्त के अंतिम सप्ताह में गंगा, पुनपुन, गंडक, सोन समेत कई नदियों में आई बाढ़ से निचले इलाकों में खेत जलमग्न हो गए थे। भागलपुर, भोजपुर, समस्तीपुर और बेगूसराय में दस हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसल क्षति की रिपोर्ट मिली है। सबसे ज्यादा नुकसान धान, मक्का, सब्जी और केला जैसी फसलों को हुआ है।

आपदा राहत प्रावधानों के अनुसार किसी फसल में 33 फीसदी से अधिक नुकसान होने पर पात्र किसानों को इनपुट अनुदान दिया जाता है। असिंचित क्षेत्र में फसल क्षति के लिए 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर और सिंचित क्षेत्र में 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान का प्रावधान है। वहीं बहुवर्षीय फसल जैसे गन्ना में 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता दी जाती है। एक किसान को अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्र के लिए इनपुट अनुदान मिलेगा।
प्रभावित किसानों को मुफ्त बीज देने की तैयारी
कृषि विभाग आकस्मिक फसल योजना के तहत प्रभावित किसानों को अगात मटर, आगत सरसों और रबी मक्का के बीज नि:शुल्क उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। इससे बाढ़ के बाद किसानों को दोबारा खेती शुरू करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
भागलपुर में सबसे अधिक क्षति
प्रारंभिक रिपोर्ट में भागलपुर में 45,449 हेक्टेयर, भोजपुर में 25,574 हेक्टेयर, बेगूसराय में 21,321 हेक्टेयर, समस्तीपुर में 10,709 हेक्टेयर और लखीसराय में 9,490 हेक्टेयर फसल क्षति दर्ज की गई है। अन्य प्रभावित जिलों से भी कृषि विभाग को क्षति की रिपोर्ट मिली है।
नितिन नवीन ने तीन माह का वेतन राहत कोष में दिया
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राज्यसभा सदस्य के रूप में मिलने वाला तीन महीने का वेतन, करीब 6.35 लाख रुपये, बिहार के बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
