बिष्टुपुर आवास से लेकर आदित्यपुर और गम्हरिया के औद्योगिक परिसरों तक पहुंची जांच टीम, दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खंगाले
जमशेदपुर : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार की सुबह जमशेदपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। केंद्रीय जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने सुबह करीब आठ बजे कार्रवाई शुरू की। बिष्टुपुर के कांट्रैक्टर्स एरिया स्थित आवासीय परिसर के अलावा आदित्यपुर और गम्हरिया औद्योगिक क्षेत्र में स्थित कारोबारी प्रतिष्ठानों को भी जांच के दायरे में लिया गया है. छापेमारी को देखते हुए सभी प्रमुख परिसरों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। जांच वाले स्थानों पर बाहरी लोगों की आवाजाही रोक दी गई, जबकि परिसर के भीतर मौजूद लोगों को भी जांच पूरी होने तक बाहर निकलने की अनुमति नहीं दिए जाने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय पुलिस बल की भी तैनाती की गई है।

कई ठिकानों पर एक साथ जांच…….
जानकारी के अनुसार ईडी की टीमों ने बिष्टुपुर के कांट्रैक्टर्स एरिया स्थित आवास के साथ-साथ बर्मामाइंस, जुगसलाई और आदित्यपुर के हथियाडीह स्थित शारदा एंडेवर्स फैक्ट्री में भी तलाशी ली. जांच के दौरान अधिकारियों ने कारोबारी गतिविधियों से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय लेनदेन का रिकॉर्ड, खरीद-बिक्री से संबंधित कागजात तथा कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की। सूत्रों के मुताबिक तलाशी के दौरान कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज मिलने और उन्हें जब्त किए जाने की भी सूचना है। हालांकि, इस संबंध में ईडी की ओर से अभी कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
करीब 750 करोड़ के कथित जीएसटी फर्जीवाड़े से जुड़ा मामला…….
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक ईडी की यह कार्रवाई करीब 750 करोड़ रुपये के कथित जीएसटी फर्जीवाड़े और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में की जा रही है। आरोप है कि कथित तौर पर बोगस कंपनियों और फर्जी बिलिंग के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का अनुचित लाभ लिया गया तथा सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया. मामले की जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय की ओर से फिलहाल छापेमारी के संबंध में आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। ऐसे में कार्रवाई के दौरान बरामद दस्तावेजों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।
55.66 करोड़ के जीएसटी मामले में पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी…….
ज्ञानचंद जायसवाल का नाम इससे पहले भी जीएसटी से जुड़े एक मामले में सामने आ चुका है। पूर्व में उन पर करीब 55.66 करोड़ रुपये के कथित जीएसटी घोटाले का आरोप लगा था और मामले में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
बताया गया था कि जांच में कुछ कंपनियों के माध्यम से गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल करने का मामला सामने आया था। इसमें मेसर्स जय भोलानाथ कंपनी, मेसर्स मां शारदा एंडेवर और मेसर्स मेकर्स कास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित करीब 22.31 करोड़ रुपये तथा मेसर्स केदारनाथ ट्रैक्सीन, ज्ञानदीप आयरन प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स विभ्रान स्क्रैप कंपनी से जुड़े करीब 33.35 करोड़ रुपये के आईटीसी का उल्लेख किया गया था।
इससे पहले 7 अगस्त 2025 को भी ज्ञानचंद जायसवाल से जुड़े ठिकानों पर जांच एजेंसियों की कार्रवाई हो चुकी है। अब एक बार फिर कई स्थानों पर एक साथ हुई ईडी की छापेमारी से कारोबारी और औद्योगिक क्षेत्र में हलचल बढ़ गई है. फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि तलाशी के दौरान क्या-क्या दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य एजेंसी के हाथ लगे हैं तथा मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
