तुलसी भवन में डिस्को डांडिया नाइट-2026 का भव्य आयोजन, करीब 800 लोगों ने लिया हिस्सा
राजस्थानी परिधानों में सजी महिलाओं और युवतियों ने बिखेरा जलवा, प्रतियोगिताओं और लकी ड्रॉ के विजेताओं को किया गया सम्मानित
जमशेदपुर : महाराजा अग्रसेन जयंती के अवसर पर शुक्रवार की शाम तुलसी भवन में आयोजित डिस्को डांडिया नाइट-2026 में गरबा और डांडिया की धूम रही। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों, मधुर संगीत और डांडिया की खनक के बीच करीब 800 लोग उत्सव के रंग में सराबोर नजर आए। पूर्वी सिंहभूम जिला अग्रवाल सम्मेलन की महिला शाखा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में मारवाड़ी युवा मंच की स्टील सिटी शाखा एवं स्टील सिटी सुरभि शाखा ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया. कार्यक्रम में महिलाओं और युवतियों का विशेष उत्साह देखने को मिला। आकर्षक राजस्थानी परिधानों में सजी प्रतिभागियों ने गरबा और डांडिया की प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। पारंपरिक लोकनृत्य और आधुनिक संगीत के संगम ने आयोजन को खास बना दिया। देर तक चले इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोगों ने नृत्य, संगीत और आपसी मेल-मिलाप का भरपूर आनंद उठाया।

गणेश वंदना से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ…..
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीगणेश की वंदना के साथ हुई। इसके बाद संगीत और नृत्य का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रांची से आईं एंकर प्रीति ने आकर्षक अंदाज में मंच संचालन कर कार्यक्रम में उत्साह बनाए रखा. आयोजन का नेतृत्व पूर्वी सिंहभूम जिला अग्रवाल सम्मेलन की महिला शाखा की अध्यक्ष मनीषा संघी ने किया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक आयोजन समाज को एकजुट करने और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। जमशेदपुर में गरबा और डांडिया के प्रति लोगों का बढ़ता उत्साह सुखद है। ऐसे कार्यक्रम सामाजिक एकता को मजबूत करने के साथ हमारी सांस्कृतिक पहचान को भी आगे बढ़ाते हैं। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले अतिथियों, प्रायोजकों, प्रतिभागियों और समाज के सदस्यों के प्रति आभार जताया।
प्रतियोगिताओं और लकी ड्रॉ ने बढ़ाया रोमांच……
डिस्को डांडिया नाइट के दौरान विभिन्न मनोरंजक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को अतिथियों ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। वहीं, लकी ड्रॉ के जरिए भी विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार वितरण के दौरान लोगों में खासा उत्साह रहा। प्रतियोगिताओं के निर्णायक के रूप में रमयता प्रफुल्ला और शिखा शारडा ने भूमिका निभाई।
संस्कृति और सामाजिक एकता का दिया संदेश……
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने कहा कि गरबा और डांडिया जैसे आयोजन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और सामाजिक संबंधों को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजनों में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और परिवारों की भागीदारी से नई पीढ़ी अपनी परंपराओं से जुड़ती है। विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सामूहिक प्रयासों से सांस्कृतिक गतिविधियों को व्यापक स्वरूप मिलता है।
गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति……
कार्यक्रम में झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी युवा मंच के अध्यक्ष विशाल पाड़िया, प्रांतीय संयुक्त मंत्री विकास अग्रवाल, प्रांतीय कोषाध्यक्ष विकास झाझरिया, प्रांतीय संयोजक अमित शर्मा, निवर्तमान अध्यक्ष अरुण गुप्ता, झारखंड प्रांतीय अग्रवाल सम्मेलन के अध्यक्ष संदीप मुरारका, प्रांतीय महामंत्री अभिषेक अग्रवाल, युवा मंच के प्रमंडलीय उपाध्यक्ष मोहित मूनका और पूर्वी सिंहभूम जिला अग्रवाल सम्मेलन के जिलाध्यक्ष मंटू अग्रवाल उपस्थित थे. इसके अलावा राजेश गर्ग, अजय भालोटिया, ओम प्रकाश रिंगसिया, विजय आनंद मूनका, संतोष अग्रवाल, बजरंग अग्रवाल, बबलू अग्रवाल और सन्नी संघी समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए। अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए आयोजकों को बधाई दी।
प्रायोजकों और पदाधिकारियों का रहा योगदान…….
आयोजन की सफलता में राजकुमार चंदुका, संजय पलसानिया, संतोष खेतान, अभिषेक भालोटिया, अमित अग्रवाल (गौरव सेल्स), लालचंद अग्रवाल (विजेता इलेक्ट्रॉनिक्स), एक्वा सैलून, मित्तल फोटोग्राफी, रिद्धि-सिद्धि डायमंड, रोहित अग्रवाल, महेश संघी और श्याम अग्रवाल का सहयोग रहा. पूर्वी सिंहभूम जिला अग्रवाल सम्मेलन की महिला शाखा की अध्यक्ष मनीषा संघी, सचिव कविता अग्रवाल और कोषाध्यक्ष अंजू चेतानी ने आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, मारवाड़ी युवा मंच स्टील सिटी शाखा के अध्यक्ष आकाश मोदी, सचिव अनिमेष छापोलिया और कोषाध्यक्ष अंकित मुनका ने सक्रिय सहयोग दिया।
स्टील सिटी सुरभि शाखा की अध्यक्ष पायल अग्रवाल, सचिव प्रियंका चौधरी और कोषाध्यक्ष नूपुर तुलस्यान सहित दोनों शाखाओं के सदस्यों ने भी आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया. डिस्को डांडिया नाइट-2026 में उमड़ी भीड़ और प्रतिभागियों के उत्साह ने जमशेदपुर में भारतीय संस्कृति एवं पारंपरिक उत्सवों के प्रति लोगों की रुचि को प्रदर्शित किया। संगीत, नृत्य और सामाजिक सौहार्द से सजी यह शाम उपस्थित लोगों के लिए यादगार बन गई।
