जमशेदपुर : शहर के शहरी क्षेत्र में संचालित करीब 188 आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन आज से बंद हो गया है। किराया, मानदेय और पोषाहार की राशि लंबे समय से बकाया रहने से नाराज आंगनबाड़ी सेविकाओं ने यह कदम उठाया है। सेविकाओं का कहना है कि जब तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक केंद्रों का संचालन शुरू नहीं किया जाएगा।

आंगनबाड़ी सेविकाओं के अनुसार, केंद्रों का किराया पिछले दो वर्षों से बकाया है। वहीं, 11 महीने से मानदेय और सात महीने से पोषाहार की राशि का भुगतान नहीं हुआ है। इसको लेकर विभाग को कई बार पत्राचार कर समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक भुगतान नहीं होने के कारण सेविकाएं आर्थिक परेशानियों का सामना कर रही हैं।
सेविकाओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वे सरकार की विभिन्न योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि एक ओर मंईयां सम्मान योजना के तहत महिलाओं के खातों में राशि भेजी जा रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने वाली सेविकाओं के भुगतान के लिए राशि उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
सेविकाओं ने स्पष्ट किया कि बकाया राशि का भुगतान होने तक केंद्रों का संचालन बंद रहेगा। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो इसका असर बच्चों और लाभार्थियों को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ सकता है। अब देखना होगा कि विभाग इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।