जमशेदपुर : दुर्गा पूजा और आगामी पर्व-त्योहारों के मद्देनजर शहर में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जमशेदपुर पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में शनिवार को गोलमुरी पुलिस लाइन में दंगा नियंत्रण को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने भीड़ के उग्र होने और आपात परिस्थितियों में स्थिति को नियंत्रित करने का अभ्यास किया।

भीड़ नियंत्रण और आपात स्थिति से निपटने का अभ्यास
मॉक ड्रिल में सामान्य पुलिस बल के साथ आर्म्ड पार्टी और लाठी पार्टी के जवान शामिल हुए। अभ्यास के दौरान पुलिसकर्मियों की अलग-अलग टीमों ने भीड़ और तनावपूर्ण परिस्थितियों का दृश्य तैयार किया। इसके बाद पुलिस बल ने भीड़ को नियंत्रित करने, स्थिति को सामान्य बनाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्रक्रिया का अभ्यास किया। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य पर्व-त्योहारों के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस बल को तैयार करना और आपसी समन्वय को मजबूत बनाना था।
वाटर कैनन और दंगा नियंत्रण वाहनों की परखी गई कार्यक्षमता
अभ्यास के दौरान वाटर कैनन, दंगा नियंत्रण वाहनों और अन्य सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। पुलिसकर्मियों ने इन संसाधनों की कार्यक्षमता की जांच की और आपात स्थिति में उनके त्वरित एवं प्रभावी उपयोग का अभ्यास किया। इस दौरान पुलिस बल की तत्परता, टीमों के बीच समन्वय और भीड़ नियंत्रण की तैयारियों को भी परखा गया, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
सिटी एसपी बोले- सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस तैयार
सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि दुर्गा पूजा सहित अन्य पर्व-त्योहारों के दौरान शहर में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है और पूजा पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना या आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल का पहले से तैयार रहना जरूरी है। उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल के माध्यम से पुलिसकर्मियों को संभावित तनावपूर्ण परिस्थितियों से निपटने का अभ्यास कराया गया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
दुर्गा पूजा में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने पर जोर
जमशेदपुर पुलिस का मुख्य उद्देश्य दुर्गा पूजा के दौरान शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। इसके लिए पुलिस बल की तैयारियों, भीड़ नियंत्रण की क्षमता और सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस प्रशासन की कोशिश है कि पूजा के दौरान श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में पूजा-पंडालों तक पहुंच सकें और उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। मॉक ड्रिल के जरिए पुलिस ने स्पष्ट किया कि पर्व-त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों को प्राथमिकता दी जा रही है।
