जमशेदपुर : लौहनगरी जमशेदपुर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में दुर्गापूजा का विशेष स्थान है। यहां मां दुर्गा की आराधना केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास, समर्पण और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक भी है। इसी परंपरा को वर्षों से आगे बढ़ाते हुए श्री श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा कमिटी, कैरेज कॉलोनी, बर्मामाइंस, जमशेदपुर लगातार मां भगवती की पूजा-अर्चना करती आ रही है। वर्ष 1962 से शुरू हुई इस पूजा परंपरा ने समय के कई दौर देखे हैं, लेकिन मां दुर्गा के प्रति कमिटी के सदस्यों की श्रद्धा और समर्पण आज भी बरकरार है।



करीब छह दशक से भी अधिक समय से चली आ रही यह पूजा परंपरा अपने आप में एक भावनात्मक और आध्यात्मिक यात्रा है। वर्षों के इस सफर में परिस्थितियां बदलीं, समय बदला और चुनौतियां भी सामने आईं, लेकिन मां दुर्गा के प्रति भक्तों की आस्था कभी कमजोर नहीं पड़ी। हर वर्ष शारदीय नवरात्र के आगमन के साथ कैरेज कॉलोनी का वातावरण भक्तिमय हो उठता है। मां के जयकारों, पूजा-अर्चना और श्रद्धालुओं की भक्ति से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक रंग में रंग जाता है।
कमिटी के लाइसेंसधारी एवं आजसू पार्टी के उपाध्यक्ष कमलेश दुबे ने लोकतंत्र सवेरा से बातचीत के दौरान कहा कि मां दुर्गा के प्रति उनकी और कमिटी के सभी सदस्यों की श्रद्धा अटूट है। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, मां भगवती की भक्ति और पूजा के प्रति समर्पण में किसी तरह की कमी नहीं आती। यह मां की असीम कृपा है या फिर उनके प्रति हम सभी का गहरा जुड़ाव, कि इतने वर्षों से पूजा की परंपरा निरंतर आगे बढ़ती आ रही है।
कमलेश दुबे के अनुसार, दुर्गापूजा केवल पंडाल सजाने और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने तक सीमित नहीं है। यह मां के प्रति समर्पण, परिवार और समाज को एक सूत्र में बांधने तथा नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का अवसर भी है। कमिटी के सदस्यों के लिए मां दुर्गा की पूजा एक परंपरा के साथ-साथ भावनाओं और विश्वास से जुड़ा विषय है, जिसे वे पूरी श्रद्धा के साथ निभाते आ रहे हैं।
### मां के प्रति अटूट विश्वास, हर मुश्किल में मिलता है संबल……..
मां दुर्गा को शक्ति, साहस और ममता का स्वरूप माना जाता है। भक्तों का विश्वास है कि सच्चे मन से मां के दरबार में सिर झुकाने वाले को कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की शक्ति मिलती है। इसी विश्वास के साथ श्री श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा कमिटी, कैरेज कॉलोनी के सदस्य प्रत्येक वर्ष मां की आराधना में जुटते हैं। उनके लिए मां दुर्गा केवल आराध्य देवी नहीं, बल्कि परिवार की संरक्षिका और जीवन की कठिन राहों में हौसला देने वाली शक्ति भी हैं।
“मां का दरबार आस्था का वह द्वार है, जहां झुकता है सिर तो मन को मिलता है सुकून, और सच्ची श्रद्धा से उठे हाथों को मिलता है विश्वास का संबल।” कमिटी की वर्षों पुरानी पूजा परंपरा भी इसी भावना को जीवंत करती है।
### परंपरा के साथ जुड़ी है भावनाओं की डोर……..
वर्ष 1962 से निरंतर चली आ रही पूजा यह दर्शाती है कि धार्मिक परंपराएं केवल समय के साथ नहीं चलतीं, बल्कि लोगों की भावनाओं, सामूहिक प्रयासों और अटूट विश्वास से जीवित रहती हैं। कैरेज कॉलोनी बर्मामाइंस की इस पूजा से जुड़ी आस्था कई पीढ़ियों की स्मृतियों और भावनाओं का हिस्सा रही है। मां दुर्गा की आराधना के माध्यम से कमिटी अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और भक्ति की इस परंपरा को आगे बढ़ाने में जुटी है।
कमलेश दुबे ने मां भगवती के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि मां की कृपा बनी रहे और सभी भक्तों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली आए, यही उनकी कामना है। मां दुर्गा की कृपा से कमिटी की यह धार्मिक परंपरा आगे भी इसी श्रद्धा और उत्साह के साथ जारी रहे, यही सभी भक्तों की प्रार्थना है।
जय माता दी! मां दुर्गा की असीम कृपा सभी पर बनी रहे, हर घर में सुख-शांति का वास हो और भक्ति की यह ज्योति सदैव प्रज्वलित रहे।
