संवाददाता (शिबू रजक) | रांची : जिले के बुढ़मू स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में सातवीं कक्षा की छात्राओं के साथ कथित छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। विद्यालय में कार्यरत अकाउंटेंट दिवाकर कुमार पर छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार करने और विरोध करने पर स्कूल से निकलवाने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। मामला सामने आने के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश है। वहीं, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), रांची ने मामले का संज्ञान लिया है।
### छुट्टियों में घर पहुंची छात्रा ने बताई आपबीती…..
जानकारी के अनुसार, दुर्गा पूजा की छुट्टियों में घर आई सातवीं कक्षा की एक छात्रा ने अपने भाई को विद्यालय में कथित दुर्व्यवहार की जानकारी दी। परिजनों के मुताबिक, छात्रा ने आरोप लगाया कि संबंधित अकाउंटेंट उसके साथ अनुचित व्यवहार करते हुए शरीर के निजी अंगों को गलत तरीके से छूता था। विरोध करने पर स्कूल से निकलवाने और टीसी कटवाने की धमकी दिए जाने का भी आरोप है. छात्रा की शिकायत के बाद परिजनों ने उसकी अन्य सहपाठियों से भी बातचीत की। परिजनों का दावा है कि इस दौरान अन्य छात्राओं के साथ भी कथित रूप से इसी तरह के व्यवहार की जानकारी सामने आई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
### ग्रामीणों ने जताया विरोध, सुरक्षा की मांग……
मामले की जानकारी फैलने के बाद ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। स्थानीय लोगों ने विद्यालय में बच्चियों के लिए भयमुक्त और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया। घटना को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
### DLSA रांची ने लिया संज्ञान……
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), रांची ने संज्ञान लिया है। DLSA के सचिव राकेश रोशन के नेतृत्व में पैरा लीगल वॉलंटियर सुमन देवी, दीपक मुंडा, बंधु उरांव सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे। इस दौरान पीड़ित पक्ष को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की पहल की गई।
### निष्पक्ष जांच और छात्राओं की सुरक्षा जरूरी…..
यह मामला नाबालिग छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा है। ऐसे में आरोपों की निष्पक्ष जांच, छात्राओं के बयान संवेदनशील तरीके से दर्ज करने और उनकी पहचान गोपनीय रखने की आवश्यकता है। साथ ही, शिकायत करने वाली छात्राओं पर किसी प्रकार का दबाव न पड़े, यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है. फिलहाल, मामले में आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों पर सबकी नजरें टिकी हैं।


