कलकत्ता : कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज (सीएनएमसीएच) में सर्पदंश के 13 रोगियों पर वेरेस्प्लाडिब मिथाइल टैबलेट का सफलतापूर्वक ट्रायल किया जा चुका है. क्लिनिकल ट्रायल विशेषज्ञ डॉ स्नेहेंदु कोनार ने बताया कि परीक्षण में मुख्य रूप से रसेल वाइपर (दबौया सांप) या मून बीटल (चंद्र भृंग) जैसे जहरीले कीटों द्वारा काटे गये पीड़ितों को ओरल टैबलेट वेरेस्प्लाडिब मिथाइल खिलाया गया था. इस टैबलेट के इस्तेमाल से गोल्डन आवर बढ़ गया था. जिससे इलाज के लिए डॉक्टरों को अधिक समय मिला. साथ ही मरीज की हालत भी गंभीर नहीं हुई. सभी बचा लिए गये. आम तौर पर रसेल वाइपर या नाग के काटने पर मरीज की मौत हो जाती है।
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