रांची : झारखंड में Covid-19 के नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। रांची और जमशेदपुर में कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि के बाद झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के डीसी और सिविल सर्जन के लिए नए दिशा निर्देश जारी किए हैं। अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अजय कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि संक्रमण के माइल्ड केस होने के बावजूद सतर्कता और निगरानी बढ़ाना अनिवार्य है।
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क्या हैं नए दिशा निर्देश
- ILI और SARI मरीजों की अनिवार्य कोरोना जांच
- सभी अस्पतालों में इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस (ILI) और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस (SARI) के मरीजों की रिपोर्टिंग और जांच अनिवार्य की गई है।
- ILI मामलों में कम से कम 5% और SARI मामलों में 100% कोरोना जांच सुनिश्चित करने के निर्देश हैं।
- सर्विलांस और टेस्टिंग में तेजी
- कोरोना टेस्टिंग गाइडलाइंस के अनुसार सर्विलांस बढ़ाने और सैंपलिंग में तेजी लाने को कहा गया है।
- जिन मरीजों में सांस लेने में तकलीफ, छाती में दर्द या अन्य एक्यूट रेस्पिरेटरी लक्षण हैं, उन पर विशेष नजर रखने को कहा गया है।
- Whole Genome Sequencing (WGS) के लिए नमूने भेजने के निर्देश
- सभी Covid-19 पॉजिटिव मरीजों के सैंपल को रिम्स, रांची भेजा जाएगा ताकि यदि कोई नया वेरिएंट सामने आ रहा है तो उसकी समय पर पहचान की जा सके।
अस्पतालों के लिए अतिरिक्त निर्देश
- मास्क की अनिवार्यता, IEC गतिविधियों, और आपातकालीन तैयारी को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
- दवाओं, टेस्टिंग किट, VTM किट की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश है।
- सभी सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट्स (PSA, LMO), वेंटिलेटर, और ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर की जांच अनिवार्य की गई है।
- मॉक ड्रिल कराकर तैयारियों की समीक्षा करने को कहा गया है।
- रांची और जमशेदपुर मिलाकर कुल 6 मामले
- रांची में अब तक कुल 4 कोरोना केस सामने आए हैं, जिनमें से 1 मरीज स्वस्थ हो चुका है।
- जमशेदपुर में 2 केस दर्ज किए गए हैं।
- झारखंड राज्य में कुल 5 एक्टिव केस बचे हैं।
- रांची सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार के अनुसार, सोमवार और मंगलवार से टेस्टिंग में तेजी लाई जाएगी।
- झारखंड स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर, टेस्टिंग और निगरानी होगी सख्त
स्वास्थ्य मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, कोविड संक्रमण के संभावित प्रसार को रोकने के लिए पूरी तैयारी की जा रही है। माइल्ड मामलों को देखते हुए अभी घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह सतर्क हैं।
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