रांची। महालेखाकार के रिकॉर्ड में भी डीजीपी अनुराग गुप्ता 30 अप्रैल 2025 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। यही वजह है कि पूरे माह काम करने के बावजूद उन्हें मई माह का वेतन नहीं मिला है। उनका पे-स्लिप जारी नहीं हुआ है। केंद्र सरकार ने भी डीजीपी अनुराग गुप्ता के अवधि विस्तार को नहीं माना है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को पूर्व में तीन बार पत्राचार कर अनुराग गुप्ता को डीजीपी के पद से हटाने का निर्देश दिया है।
गृह मंत्रालय ने भी उन्हें 30 अप्रैल 2025 से सेवानिवृत्त माना है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सबसे पहले 22 अप्रैल 2025 को ही राज्य सरकार को पत्र लिखकर बता दिया था कि अनुराग गुप्ता 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो चुके हैं अनुराग गुप्ता
इसपर राज्य सरकार ने डीजीपी की नियुक्ति को लेकर बनी नियमावली का हवाला दिया था और उसी नियमावली के आधार पर अनुराग गुप्ता के दो साल के सेवा विस्तार संबंधित जानकारी केंद्र को भेजी थी। जिसे केंद्र ने अस्वीकार करते हुए राज्य सरकार को फिर अपने पुराने निर्देश से अवगत कराया और बताया कि अनुराग गुप्ता 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। यही वजह है कि उन्हें मई महीने का वेतन नहीं मिला है।
दरअसल किसी भी आइएएस या आइपीएस के पदस्थापन संबंधित जानकारी संबंधित राज्य के महालेखाकार के कार्यालय में दी जाती है।उसी के आधार पर उक्त अधिकारी का पे-स्लिप बनता है। एक जून को राज्य के सभी अधिकारियों का वेतन बना, पे-स्लिप जारी हुआ, लेकिन अनुराग गुप्ता का जारी नहीं हो सका।
