जमशेदपुर : गोलमुरी थाना क्षेत्र की केबुल बस्ती में जनवितरण प्रणाली (राशन) की दुकान लंबे समय से बंद होने से स्थानीय लोग परेशान हैं। पिछले दो महीनों से लोगों को राशन नहीं मिल रहा है, और जब भी वे दुकान पर पहुंचते हैं, दुकानदार अनुपस्थित मिलता है। दुकान के बोर्ड पर केवल यह लिखा है – “मशीन खराब है।”



स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बहाना अब काम नहीं करता। “हमारे पेट की भूख सूचना पट देखकर नहीं मिट सकती,” कहते हैं बस्ती के एक निवासी। उन्होंने आरोप लगाया कि राशन वितरण में पक्षपात बरता जा रहा है और कुछ चुनिंदा लोगों को ही राशन दिया जा रहा है। बाकी लोग बार-बार प्रयास करने के बावजूद खाली हाथ लौटते हैं।
बस्ती में रहने वाले कई लोग बताते हैं कि हालात दिन-ब-दिन बिगड़ रहे हैं। वृद्ध और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हैं, जिन्हें पर्याप्त पोषण नहीं मिल पा रहा है। वहीं, महिलाएं भी बार-बार दुकान पर जाने के बावजूद निराशा का सामना कर रही हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप करने और दुकानदार की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे बड़ी संख्या में प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो सकते हैं।
इस मामले में प्रशासन की भी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह सिर्फ एक भूख की समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक असमानता और प्रणालीगत नाकामी का संकेत बन जाएगी।
