बिहार : चुनाव का परिणाम आने से पहले ही भोजपुरी एक्टर व सिंगर खेसारीलाल यादव की मुश्किलें बढ़ गयी है। उनके बंगले पर बुलडोजर चलाने की तैयारी शुरू हो गयी है। इस जानकारी के सामने आने के बाद खेसारीलाल यादव बेहद भावुक हो गये हैं। दरअसल बिहार विधानसभा चुनाव में खेसारीलाल यादव आरजेडी के छपरा से प्रत्याशी हैं। पहले चरण के चुनाव में छपरा में भी वोटिंग हुई है।



इसी पहले चरण की वोटिंग के बीच भोजपुरी स्टार और आरजेडी उम्मीदवार खेसारी लाल यादव के मुंबई स्थित बंगले पर अतिक्रमण कार्रवाई का नोटिस जारी किया गया है। भेजे गए नोटिस ने खेसारी को भावुक कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह घर उनके “खून-पसीने की कमाई” से बना है और यदि इसे तोड़ा गया, तो वह भगवान की मर्जी मानेंगे।
मुंबई नगर निगम (BMC) की ओर से उनके मीरा रोड स्थित आलीशान बंगले पर अवैध निर्माण बताते हुए नोटिस भेजा गया है। चर्चा है कि यदि दस्तावेज़ और निर्माण मानकों में खामियां पाई गईं, तो बंगले पर बुलडोज़र चलाया जा सकता है।यह नोटिस वोटिंग से महज दो दिन पहले आने के कारण राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या यह महज प्रशासनिक कार्रवाई है या फिर किसी राजनीतिक दबाव का परिणाम?
खेसारी हुए भावुक, कहा— यह घर खून-पसीने की कमाई से बनाया है……
एक मीडिया बातचीत में जब खेसारी से पूछा गया कि उनके घर पर कार्रवाई की तैयारी को वह कैसे देखते हैं, तो उनका गला भर आया। उन्होंने कहा:“इस घर को मैंने बहुत मेहनत से बनाया है। खून-पसीना एक करके बनाया है। अगर भगवान की यही मर्जी है, तो मैं क्या कर सकता हूं। कल क्या होगा पता नहीं। मैं आज यहां हूं, अपने बिहार की जनता के लिए लड़ने आया हूं। शिक्षा, रोजगार और व्यवस्था बदलने आया हूं।” उन्होंने आगे कहा कि वह राजनीति में किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं आए, बल्कि बदलाव की इच्छा लेकर आए हैं। उनका मानना है कि तेजस्वी यादव को मौका मिलना चाहिए ताकि परिवर्तन हो और सरकार जनता के प्रति जवाबदेह बने।
14 करोड़ की लागत से बना है बंगला……
रिपोर्ट्स के मुताबिक, खेसारी का यह बंगला मुंबई के मीरा रोड स्थित प्रीमियम लोकेशन पर है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 14 करोड़ रुपये बताई जाती है। यह वही एरिया है जहाँ पहले अभिनेता कुणाल खेमू और बजरंगी भाईजान फेम हर्षाली मल्होत्रा भी रह चुके हैं।खेसारी ने कहा कि वह नोटिस का जवाब कानून के दायरे में देंगे, लेकिन ज्यादा मानसिक दबाव नहीं लेना चाहते।
चुनाव के बीच कार्रवाई—सिर्फ संयोग या संकेत….?
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब खेसारी राजनीति में अपनी मजबूत एंट्री की कोशिश में लगे हैं। इससे समर्थकों में चर्चा है कि क्या यह सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई है या खेसारी को चुनाव से विचलित करने की कोशिश?हालांकि, खेसारी ने इसे “जीवन की चुनौती और परीक्षा” बताते हुए कहा कि वह भयभीत नहीं हैं।
