रांची : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रविवार को NIA के DG को पत्र लिख कर गैंगस्टर सुजीत सिन्हा व पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता के गठजोड़ की जांच कराने की मांग की है. पत्र में कहा गया है कि डीजीपी अनुराग गुप्ता की नियुक्ति हेमंत सरकार ने गिव एंड टेक फाॅर्मूले के आधार पर की थी. हेमंत सोरेन को अवैध बालू, कोयला, पत्थर व शराब के काले धन का साम्राज्य चलाने के लिए अनुराग गुप्ता जैसा अधिकारी चाहिए था. कहा गया है कि पूरा मामला भारत माला प्रोजेक्ट पर वर्चस्व की लड़ाई और सुजीत सिन्हा की कोयलांचल शांति समिति से जुड़ा हुआ है।



यह पूरा खेल पेटी टेंडर, स्टोन चिप्स, जमीन दलाली, और अन्य अवैध कारोबारों के जरिये एक बड़ा नेटवर्क खड़ा करने की योजना से जुड़ा है. इस प्रोजेक्ट पर नियंत्रण के लिए अनुराग गुप्ता ने सुजीत सिन्हा को चुना था, जिसमें अनुराग गुप्ता की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी थी. अमन साहू का फर्जी एनकाउंटर इसी वर्चस्व की लड़ाई का हिस्सा है. सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा की गिरफ्तारी के बाद बड़े रहस्य उजागर हुए हैं. अनुराग गुप्ता और रिया सिन्हा के वाट्सऐप चैट में अमन साहू के एनकाउंटर के लिए पैसों के लेनदेन और रंगदारी वसूली का पूरा हिसाब-किताब दर्ज है. चैट से यह स्पष्ट हो गया है कि अनुराग गुप्ता ही कोयलांचल शांति समिति का किंगपिन है।
