नई दिल्ली : बांग्लादेश की राजधानी ढाका की एक विशेष अदालत ने पूर्वांचल न्यू टाउन (राजुक) परियोजना से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को पांच वर्ष, उनकी बहन शेख रेहाना को सात वर्ष और उनकी भतीजी व ब्रिटिश सांसद ट्यूलिप सिद्दीकी को दो वर्ष की जेल की सजा सुनाई है। यह कार्रवाई राजुक के भूखंड आवंटन में कथित अनियमितताओं के मामले में की गई है। न्यायाधीश मोहम्मद रबीउल आलम ने शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह फैसला सुनाया। यह फैसला आरोपियों की अनुपस्थिति में सुनाया गया, क्योंकि 78 वर्षीय हसीना तख्तापलट के बाद भारत में रह रही हैं।



भ्रष्टाचार मामले में कड़ी सजा…..
बांग्लादेश की मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, ट्यूलिप सिद्दीकी पर अदालत ने 1 लाख टका (बांग्लादेशी मुद्रा) का जुर्माना भी लगाया है। भुगतान न करने पर छह महीने अतिरिक्त जेल का प्रावधान रखा है। शेख रेहाना पर भी समान जुर्माना लगाया गया है। इस मामले में कुल 14 अन्य आरोपितों को भी पांच वर्ष कारावास की सजा सुनाई गई है। इन आरोपियों में कई पूर्व मंत्री और सरकारी अधिकारी शामिल हैं।
कौन-कौन दोषी ठहराए गए? …..
शरीफ अहमद, काजा वाशी उद्दीन, मोहम्मद ओलीउल्लाह, सैफुल इस्लाम सरकार, पूरबी गोल्डर, अनीसुर रहमान मिया, मोहम्मद खुर्शीद आलम, तन्मय दास, मोहम्मद नासिर उद्दीन, शमसुद्दीन अहमद चौधरी, नूरुल इस्लाम, नायब अली शरीफ, मजहरुल इस्लाम और मोहम्मद सलाहुद्दीन। भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (ACC) ने इस मामले को 13 जनवरी को दर्ज किया था।
पहले भी सुनाई जा चुकी है भारी सजा……
यह फैसला ऐसे समय आया है जब हाल ही में बांग्लादेश न्यायालयों ने हसीना के खिलाफ कई कड़े निर्णय दिए हैं। इसी तरह के एक अन्य मामले में हसीना को 21 वर्ष की जेल की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा, पिछले माह बांग्लादेश के अपराध न्यायाधिकरण-1 ने उन्हें छात्र विद्रोह के दौरान मानवता के विरुद्ध अपराधों के मामले में मौत की सजा सुनाई थी। इन लगातार फैसलों ने बांग्लादेश की राजनीतिक परिदृश्य में नई उथल-पुथल पैदा कर दी है।
