लोकतंत्र सवेरा / हेल्थ डेस्क : देश में तेजी से हार्ट अटैक के केस बढ़ रहे हैं। कम उम्र में ही लोगों का हार्ट फेल हो रहा है और फौरन जान चली जाती है। अब हार्ट अटैक आने से पहले कोई घबराहट या सीने में दर्द नहीं होता बल्कि ये अचानक आता है। इसे डॉक्टर्स ने साइलेंट हार्ट अटैक का नाम दिया है। दिल्ली के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर नवीन भामरी ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया और बताया है कि साइलेंट हार्ट अटैक आने से पहले अक्सर लोगों को कुछ लक्षण दिखते हैं। लेकिन लोग इसे आमतौर पर इग्नोर कर देते हैं। अगर समय रहते आप इन लक्षणों को भाप लें, तो जान बचाई जा सकती है। चलिए बताते हैं साइलेंट हार्ट अटैक क्या होता है और इसके लक्षण क्या हैं।

साइलेंट हार्ट अटैक क्या है
साइलेंट हार्ट अटैक में किसी भी तरह का सीने में दर्द, जलन या सांस नहीं फूलती है। बल्कि इसके लक्षण काफी सामान्य होते हैं, जिन्हें अक्सर लोग पेट की समस्या या गलत खान-पान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हार्ट के लिए ये काफी नुकसानदायक होता है और अचानक से खून का दौरा रुक जाता है। ब्लड सर्कुलेशन रुकते ही साइलेंट हार्ट अटैक आता है और व्यक्ति की जान चली जाती है।
लक्षण क्या होते हैं
1- अक्सर लोग सीने में भारीपन को इग्नोर कर देते हैं। अगर आपको उठते-बैठते या चलते समय सीना भारी लग रहा है या बेचैनी महसूस हो रही है, तो डॉक्टर से मिलें। इस दौरान सांस लेने में दिक्कत या सांस का फूलना भी हो सकता है। ज्यादातर लोग सीने में भारीपन को गैस समझ लेते हैं।
2- डॉक्टर का कहना है कि रोजाना पेट में गैस बनना, तेज डकार आना, सीने में जकड़न महसूस होना साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण होते हैं। अगर ये लक्षण रोजाना दिख रहे हैं, तो फौरन डॉक्टर से सलाह लें।
3- साइलेंट हार्ट अटैक आने से पहले चक्कर आते हैं, उल्टी, मतली, एंग्जायटी की समस्या भी होने लगती है। किसी काम को करने के दौरान कमजोरी, थकान महसूस होती है। इसे लोग हीमोग्लोबिन या अन्य विटामिन की कमी समझ लेते हैं। ये लक्षण रोजाना दिखते हैं, तो सामान्य बात नहीं है।
4- दिल के बजाय जबड़े, पीठ, गर्दन, बाजू या पेट में दर्द बना रहता है, तो खतरे की घंटी बज रही है। साइलेंट हार्ट अटैक में सीने में दर्द नहीं होता है बल्कि इन जगहों पर दर्द, ऐंठन की समस्या महसूस होती है। दर्द और बेचैनी के कारण रात में नींद खुल जाती है।
किन्हें ज्यादा खतरा
साइलेंट हार्ट अटैक का खतरा उन लोगों को ज्यादा रहता है, जिन्हें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, स्मोकिंग, शराब की आदत होती है। अगर आपके शरीर में किसी भी तरह के लक्षण दिखते हैं, तो कार्डियोलॉजिस्ट से संपर्क करें। समय पर इलाज होने पर जान बचाई जा सकती है।
