मुरी : माझीडीह,कुबाडीह,पुरनानगर, महेशपुर,खाटंगा,डोमनडीह के प्रभावित किसानों की संयुक्त ग्राम सभा शिवटंगरा मैंदान में ग्राम प्रधान अक्षय कुमार महतो की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से कृषि जमीन पर रोड निर्माण के लिए जमीन नहीं देने,22 दिसम्बर 2025 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं उपायुक्त रांची को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया। ज्ञातव्य है कि बुंडू- राहे – सिल्ली पथ के चौड़ीकरण के नाम पर माझीडीह,कुबाडीह,पुरनानगर,खाटंगा,डोमनडीह गांव के कृषि जमीन पर नया रोड निर्माण के प्रस्ताव का किसानों ने पूरजोर विरोध किया है। नोटिस लेने एवं जमीन का कागजात जमा करने से इन्कार कर दिया है।

मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए झारखंड राज्य किसान सभा के राज्य अध्यक्ष सुफल महतो ने कहा माझीडीह, कुबाडीह ,पुरनानगर, महेशपुर,खाटंगा,डोमनडीह गांवों के किसान के 100 प्रतिशत कृषि जमीन पर चौड़ीकरण के नाम पर नया रोड निर्माण के प्रस्ताव पर उक्त गांव के किसानों के साथ जमीन अधिग्रहण कानून का खुल्लम खुल्ला उलंघन किया गया है,80 प्रतिशत किसानों की सहमति के लिए ग्राम सभा,बाजार भाव से 4 गुणा मुआवजा,या जमीन के बदले जमीन के जरूरी शर्त का पालन किए बगैर रोड चौड़ीकरण हेतु जमीन अधिग्रहण का नोटिस जारी किया गया, जब की उक्त गांवों के कृषि जमीन पर नये रोड निर्माण का प्रस्ताव है, इससे किसान भड़क गए एवं कृषि जमीन पर किसी भी हालत में रोड निर्माण के लिए जमीन नहीं देने का निर्णय लिया है।
जमीन अधिग्रहण का नोटिस लेने एवं जमीन का कागजात जमा करने से किसान इनकार कर दिए हैं।चूंकि किसानों का कृषि जमीन ही जीने का मुख्य आधार है। झारखंड में मात्र 25 प्रतिशत ही कृषि जमीन है, लगातार बढ़ रहे कृषि जमीन अधिग्रहण से राज्य में खाद्य संकट बढ़ेगा।राहे – हाहे रोड निर्माण जमीन अधिग्रहण में किसानो तीन साल बाद भी पूर्ण मुआवजा नहीं मिलने पर किसान भय के वातावरण में हैं। 22 दिसम्बर को प्रभावित अन्नदाता किसान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं उपायुक्त रांची को ज्ञापन सौंपकर कृषि जमीन बचाने एवं किसानों को न्याय दिलाने का आग्रह किया जाएगा।
इसके बावजूद बिना जमीन अधिग्रहण के रोड निर्माण हुआ तो किसानों का तीखा विरोध होगा। इसी तरह रेलाडीह,पोवाडीरी, मारनाडीह,चंदनडीह,कोटागदाग, ठूंगरुडीह,बुरूडीह, नवाडीह,बासाहातु,पतराहातु, बंता हजाम गांव के किसान जबरन जमीन अधिग्रहण के विरोध में है। बैठक में मुख्य रूप से राहे मुखिया कृष्ण पातर, ग्राम प्रधान अक्षय कुमार महतो, ग्राम प्रधान खेदन पातर, ग्राम प्रधान चंद्रिका गोझू,के आलावे नारायण महतो, गोबिंद महतो, मो,अकील आलम,पशुपति महतो, जगजीवन गोझू, प्रधान बैठा,शंकर चरण महतो,शंभुनाथ महतो, अंजय महतो, विशेश्वर महतो,हरि महतो,दिलीप कुमार महतो, जनार्दन महतो,मुकेश कुमार महतो, प्रेम नाथ महतो, सर्वेश्वर महतो,उमेश महतो, रूपचन्द्र महतो, चक्र धर महतो पशुपति महतो, रोहित महतो, प्रदीप कुमार महतो, हीरालाल महतो,चमन महतो, भगीरथ महतो, विशेश्वर महतो,अमर महतो, पंचानन महतो, चरकु महतो, रामानंद महतो,आशिर्वाद महतो, गोपेश्वर महतो सहित काफी किसान उपस्थित थे। एक सप्ताह से ज्यादा दिनों से बिना जमीन अधिग्रहण किए गांव गांव माइक प्रचार किया जा रहा है कि उक्त गांवों के किसानो का जमीन अधिग्रहण किया जा चुका है, जिससे किसानों में आक्रोश व भय व्याप्त है।
रिपोर्ट : रिंकी कुमारी ( सिल्ली संवाददाता, लोकतंत्र सवेरा)
