मुंबई : वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश का निधन हो गया है. उनकी उम्र केवल 49 साल थी. अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट में जानकारी दी कि अग्निवेश अमेरिका में स्कीइंग के दौरान घायल हुए थे. उन्हें इलाज के लिए माउंट साइनाई अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें बुधवार को कार्डियक अरेस्ट आया।



अनिल अग्रवाल ने बुधवार रात करीब 10 बजे X पर पोस्ट कर बेटे के निधन की जानकारी दी. एक भावुक पोस्ट में बेटे के निधन को जीवन का सबसे अंधकारमय दिन बताया. उन्होंने लिखा कि वे अपने बेटे से किए हुए वादे को निभाते हुए अपनी कमाई का 75% समाज को लौटाएंगे।
अनिल अग्रवाल ने बताया कि उनके बेटे अग्निवेश का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था. अजमेर के मेयो कॉलेज से उसने पढ़ाई की और एक सफल पेशेवर करियर बनाया. फुजैराह गोल्ड की स्थापना में अग्निवेश ने अहम भूमिका निभाई और हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन भी रहे. अनिल अग्रवाल ने अपने बेटे को एक खिलाड़ी, संगीतकार और लीडर बताया, जो अपनी गर्मजोशी, विनम्रता और दयालुता के लिए जाने जाते थे।
मेटल किंग के नाम से मशहूर अनिल अग्रवाल के परिवार की जड़ें राजस्थान में रही हैं. उनके पिता कारोबार के सिलसिले में बिहार चले गए थे. इससे पहले परिवार कुछ समय तक राजस्थान में रहा था. अनिल अग्रवाल का जन्म पटना में हुआ, पर उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई जयपुर के चौमूं और सीकर में की.।छोटा सूटकेस और आंखों में सपने अनिल अग्रवाल का जन्म 1954 में पटना के मारवाड़ी परिवार में हुआ. सरकारी स्कूल में पढ़े. पिता द्वारका प्रसाद अग्रवाल एल्यूमीनियम कंडक्टर के छोटे कारोबारी थे. पिता के बिजनेस में हाथ बंटाया. 19 की उम्र में बेहतर भविष्य की तलाश में मुंबई पहुंचे।
वहां 9 बिजनेस किए, सभी फेल रहे. फिर वेदांता की स्थापना की. हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘मैंने सोचा नहीं था कि साधारण आदमी होते हुए राष्ट्र निर्माण से योगदान दूंगा.’ मालूम हो, वेदांता ने 8 साल में 3.39 लाख करोड़ रु. टैक्स का योगदान दिया है. वेदांता, जिंक, लेड, एल्युमिनियम और सिल्वर बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है. इसके फाउंडर अनिल अग्रवाल इंडिया के मेटल मैन के नाम से जाने जाते हैं. कंपनी का मार्केट कैप करीब 83 हजार करोड़ रुपए है।
