फिलहाल सवाल यह है कि……
👉 जब पैसा खाताधारक का है,
👉 इलाज जीवन रक्षक है,
👉 और भुगतान अस्पताल को होना है,
तो फिर इतनी बेरुखी क्यों?
यह मामला न केवल बैंकिंग सिस्टम, बल्कि सरकारी संवेदनशीलता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।
जमशेदपुर : सरकारी सिस्टम और बैंकिंग व्यवस्था की संवेदनहीनता का एक चौंकाने वाला मामला जमशेदपुर के सोनारी से सामने आया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सोनारी शाखा में लगभग 25 लाख रुपये जमा होने के बावजूद एक सेवानिवृत्त सरकारी शिक्षिका अंजलि बोस इलाज के अभाव में मरणशैय्या पर पहुंच गई हैं।



सोनारी एक्सटेंशन रोड नंबर-7 की रहने वाली, अविवाहित और झारखंड सरकार की सेवानिवृत्त शिक्षिका अंजलि बोस इस समय एमजीएम अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) जैसे बड़े अस्पताल में रेफर करने की सलाह दी है, लेकिन विडंबना यह है कि खाते में लाखों रुपये होते हुए भी परिजन इलाज के लिए पैसे नहीं निकाल पा रहे हैं।
परिजनों के अनुसार अंजलि बोस वर्ष 2008-09 में कपाली विद्यालय से सेवानिवृत्त हुई थीं। अविवाहित होने और संतान न होने के कारण उन्होंने अपनी पूरी सेवानिवृत्ति राशि सुरक्षा के उद्देश्य से SBI सोनारी शाखा में जमा की थी, ताकि बीमारी या बुढ़ापे में इलाज के काम आ सके। लेकिन आज वही पैसा उनकी जान बचाने में बाधा बन गया है।
परिजनों ने बताया कि बैंक प्रबंधन का कहना है कि अंजलि बोस का कोई नॉमिनी नहीं है, इसलिए खुद खाताधारक को बैंक आना होगा। परिजन बार-बार बैंक अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं कि अंजलि बोस चलने-फिरने की स्थिति में नहीं हैं और बैंक सीधे अस्पताल को भुगतान कर दे, लेकिन बैंक अधिकारियों ने एक नहीं सुनी।
मामला गंभीर होता देख अंजलि बोस की छोटी बहन गायत्री बोस, जो स्वयं सेवानिवृत्त शिक्षिका हैं, ने भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह को एमजीएम अस्पताल बुलाया। अस्पताल पहुंचे विकास सिंह को परिजनों ने पूरी स्थिति से अवगत कराया।
गायत्री बोस ने भावुक होते हुए कहा…..
“मेरी बहन का पैसा किसी व्यक्ति को नहीं चाहिए, अगर बैंक सीधे अस्पताल को भुगतान कर दे तो उसकी जान बच सकती है। अगर पैसे के अभाव में मेरी बहन की मौत हुई, तो मैं उसका शव स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सोनारी शाखा में लेकर जाऊंगी।”
मौके पर मौजूद भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह ने इस मामले को उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम के संज्ञान में लाने की बात कही और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर SBI सोनारी शाखा से बात कर समाधान निकालने की मांग की।
