जमशेदपुर। सिदगोड़ा थाना में पदस्थापित सब-इंस्पेक्टर विकास कुमार का एक और कथित CCTV वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में वर्दीधारी अधिकारी को आम नागरिकों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए देखा-सुना जा रहा है, जिससे पुलिस की कार्यशैली और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के सामने आते ही शहर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

मामले को भाजपा नेता अंकित आनंद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने जमशेदपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), राज्य के डीजीपी, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तथा राष्ट्रीय महिला आयोग को टैग करते हुए पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही संबंधित अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई करने की अपील भी की है।
अंकित आनंद ने अपने बयान में कहा कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी ऐसे कई वीडियो सामने आ चुके हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से पुलिस व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस बार भी सख्त कदम नहीं उठाया गया, तो यह आम जनता के भरोसे को और कमजोर करेगा।
वहीं, इस मामले में सब-इंस्पेक्टर विकास कुमार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि संबंधित मामला जमीन विवाद से जुड़ा है। उनके अनुसार, कुछ भू-माफिया द्वारा जबरन निर्माण कार्य कराया जा रहा था, जिसे रोकने के दौरान पुलिस टीम को विरोध और धमकियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी समेत पूरे थाना को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जा रही है।
फिलहाल, वायरल वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन मामले के तूल पकड़ने के बाद उच्चाधिकारियों द्वारा जांच की संभावना जताई जा रही है। पुलिस प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
