सक्ती/रायगढ़ : जिले के वेदांता पावर प्लांट में हुए भयावह बॉयलर विस्फोट ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 13 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 26 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गहरा शोक व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है।


मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे हुए इस भीषण विस्फोट के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। चारों ओर आग की लपटें और धुएं का गुबार फैल गया, जबकि हर तरफ चीख-पुकार की भयावह आवाजें गूंजने लगीं।
हादसे में जीवित बचे पश्चिम बंगाल निवासी मजदूर अजीत दास कर ने उस खौफनाक मंजर को याद करते हुए बताया, “हम लोग लंच के बाद काम पर लौटे ही थे कि अचानक जोरदार धमाका हुआ। ऐसा लगा जैसे कोई मिसाइल गिर गई हो। चारों तरफ धुआं ही धुआं फैल गया।”
उन्होंने बताया कि उस वक्त करीब 40-50 मजदूर बॉयलर-1 में पेंटिंग का काम कर रहे थे। कई मजदूर 17 मीटर की ऊंचाई पर थे, जबकि कुछ 9 मीटर नीचे काम कर रहे थे। विस्फोट इतना भीषण था कि ऊपर और नीचे दोनों जगह काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
अजीत ने बताया, “मैं साइड में था, इसलिए किसी तरह बच गया और खुद को एक अलमारी में छिपा लिया। लेकिन मेरे साथी मजदूर आग की लपटों में घिर गए। नीचे काम कर रहे कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।”
हादसे के बाद वेदांता प्रबंधन ने तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। रायगढ़ स्थित ओपी जिंदल फोर्टिस अस्पताल में इलाज के दौरान 3 और मजदूरों की मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई।
बताया जा रहा है कि हादसे में प्रभावित अधिकांश मजदूर पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। कई घायलों की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
