नई दिल्ली : ईरान में लंबे समय से लागू इंटरनेट प्रतिबंधों के बीच अब आंशिक राहत मिलनी शुरू हो गई है। करीब 48 दिनों के बाद देश में Google सर्च सेवा को फिर से बहाल कर दिया गया है। इसके साथ ही आम नागरिक अब फिक्स्ड लाइन और मोबाइल इंटरनेट के माध्यम से सर्च इंजन का उपयोग कर पा रहे हैं। हालांकि, इंटरनेट सेवाएं अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी हैं और कई इलाकों में कनेक्टिविटी अस्थिर बनी हुई है।


इंटरनेट बंदी का असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर रूप से पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अवधि में ईरान को करीब 1.8 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ है। ई-कॉमर्स, डिजिटल सेवाएं, ऑनलाइन व्यवसाय और छोटे व्यापारियों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा। इंटरनेट बंद रहने से डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन सेवाएं लगभग ठप हो गई थीं, जिससे आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुईं।
वहीं, कई महत्वपूर्ण सेवाएं अब भी बहाल नहीं हो सकी हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार, जहां गूगल सर्च शुरू हो गया है, वहीं Gmail और अन्य कई डिजिटल सेवाएं अभी भी बंद हैं। इससे स्पष्ट है कि इंटरनेट पर लगाए गए प्रतिबंध पूरी तरह समाप्त नहीं किए गए हैं और डिजिटल गतिविधियां फिलहाल सीमित दायरे में ही संचालित हो रही हैं।
गौरतलब है कि इंटरनेट सेवाओं पर यह सख्त पाबंदी उस समय लगाई गई थी, जब ईरान, अमेरिका और इज़रायल के बीच तनाव और सैन्य गतिविधियां बढ़ गई थीं। इसके बाद सरकार ने देशभर में इंटरनेट एक्सेस को नियंत्रित कर दिया था। इस दौरान आम नागरिकों के लिए इंटरनेट का उपयोग लगभग पूरी तरह बंद रहा, जबकि सीमित स्तर पर केवल सरकारी नेटवर्क से जुड़े उपयोगकर्ता या वीपीएन के माध्यम से कुछ लोगों को ही इंटरनेट सेवाओं तक पहुंच मिल सकी।

