जमशेदपुर : भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव समारोह पर ब्राह्मण संगोष्ठी कार्यक्रम में जन्मोत्सव समिति के संयोजक कमल किशोर ने सभी का स्वागत करते हुए बताया कि परशुराम वंशियो के अलावे सभी सनातनियों को एकजुट होने की आवश्यकता है खासकर राजनीतिक और सामाजिक रूप से अति आवश्यक है अन्यथा आप अपनी उपयोगिता समाज में साबित नहीं कर पाएंगे इसलिए सनातन धर्म की रक्षा करके ही सर्वश्रेष्ठ कुल बना है ब्राह्मण कुल मंच पर विराजमान डॉ. त्रिपुरा झा ने कहा कि आज ब्राह्मणों, परशुराम वंशियों सहित सवर्ण समाज पर सांस्कृतिक आक्रमण हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आक्रमण केवल परंपराओं तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मूलभूत क्षेत्रों में बढ़ते संकट के रूप में सामने आ रहा है। ऐसे समय में समाज को जागरूक एवं संगठित होकर अपने अधिकारों और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा करनी होगी।







महेंद्र मिश्रा ने कहा कि समाज अब परशुराम भगवान को भी मनाने लगे है जो चिरंजीवी है समाज में इनकी महता जितनी बढ़ेगी समाज उतनी ही मजबूती से आगे बढ़ेगी, अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे और एक स्वर में सभी को एकजुट रहने और करने का इस पहल का स्वागत किया और बधाई दिया जो भगवान श्री परशुराम अच्छाई और समाजिक धरोहर को रक्षा को लेकर अग्रसर रहे है जब भी अत्याचार अन्याय इस भूमि पर बढ़ा है तब तब भगवान का अवतार लेना पड़ा है ।
- सौरभ तिवारी ने कहा कि धरा के आतंक से अगर विराम चाहिए, तो फिर से फरसा वाले भगवान परशुराम चाहिए,
- अन्याय के विरुद्ध जो खड़े हों निर्भीक होकर, ऐसे धर्मवीरों का हमें पुनः अवतार चाहिए…

समारोह का प्रारंभ में भगवान श्री परशुराम जी के मूर्ति का अनावरण किया गया उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी वैदिक मंत्रोचारण के साथ उनका आरती पूजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से मौजूद रहे कमल किशोर, सौरभ तिवारी, डी के मिश्रा, रामबाबू तिवारी, कन्हैया सिंह, अखिलेश दुबे , मानस मिश्रा, त्रिपुरा झा, बबुआ सिंह, अनिल तिवारी, राकेश्वर पांडेय,महेंद्र मिश्रा, सुधांशु ओझा, बिनोद उपाध्याय , आनंद बिहारी दुबे, डी डी त्रिपाठी, बड़ेलाल दुबे, दीपू सिंह, जयकुमार सिंह, सत्येंद्र कुमार सिंह, विमलेश उपाध्याय, पप्पू मिश्रा , अरुण पांडे, सीपी शुक्ला, सुनील शर्मा, महेश मिश्र राजेश ओझा ,पवन ओझा, रंजीत झा, शिवशंकर सिंह, नीतीश कुमार, पप्पू उपाध्याय, नकुल तिवारी, ओमप्रकाश उपाध्याय, वेद प्रकाश उपाध्याय, महेंद्र पांडेय, विपिन झा, कमलेश दुबे, अंकित आनंद, अरुण शुक्ला, सुशील पांडे, दीपक तिवारी, मुकेश तिवारी, ज्ञान पांडेय, सूरज ओझा, रामनाथ दुबे, मुन्ना मिश्रा, श्रीनिवास तिवारी, सत्यम पांडेय, डब्लू मिश्रा, अरविंद पांडेय, विशाल तिवारी, नीरज मिश्रा, अभय पांडेय, चंद्रेश्वर पांडेय, अजीत उपाध्याय, दिलीप पांडे, समेत सैकड़ों परशुराम वंशी और सनातन धर्म प्रेमी मौजूद रहे।







