जमशेदपुर : जमशेदपुर स्थित टाटा मोटर्स प्लांट में घटते वर्क ऑर्डर का असर अब उत्पादन व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। कंपनी प्रबंधन ने 29 मई से 4 जून तक कई विभागों में कामकाज बंद रखने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद कर्मचारियों के बीच चिंता और हलचल बढ़ गई है।



कंपनी की ओर से जारी दो अलग-अलग सर्कुलर में कर्मचारियों के लिए कंपेंसटरी ऑफ और ब्लॉक क्लोजर की घोषणा की गई है। इससे लगातार सात दिनों तक उत्पादन व्यवस्था प्रभावित रहने की संभावना जताई जा रही है।
29 मई से शुरू होगा असर
जारी आदेश के अनुसार 29 मई, 30 मई और 1 जून को कर्मचारियों को कंपेंसटरी ऑफ दिया जाएगा। वहीं 2 जून से 4 जून तक प्लांट में ब्लॉक क्लोजर लागू रहेगा। बीच में 31 मई को रविवार की छुट्टी होने के कारण पूरे सप्ताह उत्पादन पर असर पड़ने की संभावना है।
हालांकि कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था सभी डिवीजन, विभाग और जनरल ऑफिस पर लागू होगी, लेकिन फाउंड्री डिवीजन में 29 और 30 मई को सामान्य रूप से काम जारी रहेगा।
कर्मचारियों के लिए जारी किए गए निर्देश
कंपनी की ओर से कहा गया है कि जिन कर्मचारियों को इन दिनों ड्यूटी पर बुलाया जाएगा, उन्हें बाद में निर्धारित अवधि के भीतर प्रतिपूरक अवकाश लेना होगा. साथ ही, जिन कर्मचारियों ने 15 मार्च, 29 मार्च और 19 अप्रैल को साप्ताहिक अवकाश के दिन काम किया था, उन्हें अब उसी के बदले कंपेंसटरी ऑफ प्रदान किया जाएगा।
दूसरे सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि 2 जून से 4 जून तक ब्लॉक क्लोजर की अवधि के दौरान प्रभावित कर्मचारियों को आधे दिन के लिए अपना पीएल या सीएल उपयोग करना होगा, जबकि शेष वेतन कंपनी की ओर से दिया जाएगा।
कर्मचारियों में बढ़ी चिंता
वर्क ऑर्डर की लगातार कमी और उत्पादन में गिरावट की खबरों ने कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। औद्योगिक हलकों में इस फैसले को बाजार में कमजोर मांग और उत्पादन लागत नियंत्रण की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. चर्चा यह भी है कि यदि आने वाले दिनों में ऑर्डर की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो भविष्य में अतिरिक्त ब्लॉक क्लोजर या उत्पादन में और कटौती की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
टाटा मोटर्स के इस फैसले के बाद सोशल Media पर भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। कई लोग इसे ऑटो सेक्टर में मंदी का संकेत मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे कंपनी की अस्थायी रणनीतिक व्यवस्था बता रहे हैं।



