पटना : बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने शुरू हो गए हैं और शुरुआती रुझानों में NDA को स्पष्ट बहुमत मिलता दिखाई दे रहा है। सुबह से जारी मतगणना के बीच कई सीटों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है, लेकिन एनडीए के उम्मीदवार लगातार बढ़त बनाए हुए हैं।

मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और हर राउंड के बाद अपडेट सामने आ रहे हैं। रुझानों के अनुसार एनडीए ने आरंभिक बढ़त में ही मजबूत स्थिति बना ली, जिसके बाद उनके समर्थकों में उत्साह देखने को मिला।
लोकतंत्र सवेरा ने एग्जिट पोल में पहले ही संकेत दे दिए थे
चुनाव से ठीक पहले लोकतंत्र सवेरा ने अपने एग्जिट पोल में साफ संकेत दे दिए थे कि इस बार मुकाबला भले ही कड़ा रहेगा, लेकिन अंतिम परिणाम NDA के पक्ष में झुक सकते हैं। एग्जिट पोल में यह भी अनुमान लगाया गया था कि:
एनडीए 140 से 150 अधिक सीटों पर बढ़त बना सकता है
महागठबंधन का प्रदर्शन बेहतर रहेगा लेकिन बहुमत के आंकड़े से दूर रह सकता है
कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा…..
अब मतगणना के रुझान लगभग उसी पैटर्न की ओर इशारा करते दिख रहे हैं। कई सीटें ऐसी हैं जहां रातोंरात समीकरण बदले, लेकिन एनडीए के उम्मीदवारों ने स्थिर बढ़त बनाए रखी।
किन मुद्दों ने बदल दिया चुनाव का गणित…?
राज्य में इस बार विकास, बेरोजगारी, महंगाई, जातीय समीकरण, स्थानीय मुद्दों और कानून-व्यवस्था जैसे कारक सबसे अधिक प्रभावी रहे। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि एनडीए को ग्रामीण क्षेत्रों में जबरदस्त समर्थन मिला, वहीं शहरी इलाकों में भी वोट प्रतिशत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसका सीधा फायदा उन्हें रुझानों में मिल रहा है।
पार्टी दफ्तरों में हलचल तेज…..
रुझानों के बाद पटना स्थित एनडीए दफ्तरों में जश्न जैसा माहौल है। वहीं महागठबंधन की ओर से भी यह कहा जा रहा है कि अंतिम परिणाम तक इंतजार करना चाहिए क्योंकि कई सीटों पर बेहद कम मार्जिन के साथ मुकाबला जारी है।
अंतिम नतीजों पर सबकी निगाहें…..
हालांकि रुझान एनडीए के पक्ष में स्पष्ट तस्वीर दिखा रहे हैं, लेकिन चुनाव आयोग के मुताबिक अंतिम परिणाम में अभी कुछ घंटे लग सकते हैं। फिलहाल पूरे बिहार की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या रुझान ही परिणाम में तब्दील होंगे या आखिरी राउंड में समीकरण बदलेंगे।
