मोकामा : पटना से करीब 100 किलोमीटर दूर मोकामा में बृहस्पतिवार को चुनाव प्रचार के दौरान हुई झड़प में जन सुराज पार्टी के स्थानीय उम्मीदवार के समर्थक और गैंगस्टर से नेता बने दुलारचंद यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस के अनुसार दुलार चंद किसी समय में बिहार की राजनीति के कई दिग्गज नेताओं के करीबी माने जाते थे. पुलिस के अनुसार, घटना के वक्त यादव चुनाव प्रचार में शामिल थे, तभी प्रतिद्वंद्वी दल के समर्थकों के साथ झड़प हो गई, जिसके दौरान उन्हें गोली लगी. यादव हाल के दिनों में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी से जुड़े स्थानीय उम्मीदवार का समर्थन कर रहे थे. पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिकेय के शर्मा ने बताया, “पुलिस को सूचना मिली कि मोकामा टाल इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान एक उम्मीदवार के समर्थक की मौत हो गई।



घटना के सही कारण का अभी पता नहीं चल पाया है, क्योंकि शव पुलिस को नहीं सौंपा गया है. उसकी मौत गोली लगने से हुई या दुर्घटनावश हुई, इसका पता शव मिलने के बाद ही चल पाएगा. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि दुलारचंद यादव की मौत उस समय हुई जब वह जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए प्रचार कर रहे थे. पटना जिला प्रशासन द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, “दुलार चंद यादव, जिनका नाम कई आपराधिक मामलों में दर्ज है, के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना में शामिल लोगों की तलाश जारी है।
जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर से संवाददाताओ द्वारा घटना के बारे में पूछे जाने पर कहा, हमारी पार्टी की एक टीम मौके पर है. जैसे ही हमें कुछ जानकारी मिलेगी, हम उसे साझा करेंगे. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने संवाददाताओ से कहा, मोकेमा में हमारे उम्मीदवार दिवंगत दुलार चंद यादव के भतीजे हैं. जब हमारे उम्मीदवार के काफिले पर आनंद सिंह के समर्थकों ने हमला किया, तो यादव (जो स्वयं क्षेत्र के जाने-माने राजनीतिक नेता थे) बीच-बचाव करने पहुंचे लेकिन उन्हें गोली मार दी गई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने यादव को अपनी कार के पहियों के नीचे कुचल दिया.उन्होंने दावा किया, पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। इस तरह का कोई भी प्रयास राज्य भर में हमारे कार्यकर्ताओं में आक्रोश पैदा करेगा।
राजद नेता तेजस्वी यादव ने घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “बिहार में बंदूकधारी गुंडे खुलेआम घूम रहे हैं. यह राज्य की कानून-व्यवस्था पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न है. उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 20 साल पहले की बातें करना बंद करना चाहिए और हमें बताना चाहिए कि राजग किस तरह का शासन लेकर आया है।
