पटना। बिहार की राजनीति के लिए गुरुवार का दिन एक नए युग की शुरुआत का गवाह बना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में संपन्न हुआ। इस भव्य समारोह में निशांत कुमार समेत कुल 32 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली।



दिग्गज नेताओं की उपस्थिति
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार विशेष रूप से मौजूद रहे। नीतीश कुमार की उपस्थिति ने एनडीए की एकजुटता का बड़ा संदेश दिया।
सत्ता का समीकरण: 16-16 का फॉर्मूला
सूत्रों और जारी सूची के अनुसार, मंत्रिमंडल विस्तार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के बीच संतुलन बनाए रखा गया है। दोनों ही दलों से 16-16 मंत्रियों को जगह मिली है। इसके अलावा:
- हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM): डॉ. संतोष कुमार सुमन।
- एलजेपी (रामविलास): संजय सिंह और संजय पासवान।
- राष्ट्रीय लोक मोर्चा: स्नेह लता।
निशांत कुमार का राजनीतिक उदय
इस पूरे घटनाक्रम का केंद्र बिंदु पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार रहे। लंबे समय तक सक्रिय राजनीति से दूर रहने के बाद, निशांत कुमार का मंत्रिमंडल में शामिल होना बिहार की भविष्य की राजनीति के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इसे जेडीयू के ‘पावर रिसेट’ के रूप में देखा जा रहा है।
प्रमुख चेहरे जिन्होंने ली शपथ
मंत्रिमंडल में अनुभव और युवा ऊर्जा का मिश्रण देखा गया:
- भाजपा कोटे से : विजय कुमार सिन्हा, नीतीश मिश्रा, मिथिलेश तिवारी, प्रमोद कुमार, और श्रेयसी सिंह जैसे नाम शामिल हैं।
- जेडीयू कोटे से : श्रवण कुमार, लेसी सिंह, मदन सहनी और श्वेता गुप्ता जैसे नए चेहरों को भी जिम्मेदारी दी गई है।
सुरक्षा और उत्साह
सुबह से ही गांधी मैदान समर्थकों की भीड़ से पटा रहा। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच पूरे पटना शहर को भगवा और हरे झंडों से सजाया गया था। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शपथ ग्रहण के बाद कहा कि यह मंत्रिमंडल “विकसित बिहार” के संकल्प को पूरा करने के लिए समर्पित रहेगा।
