जमशेदपुर : सोनारी थाना क्षेत्र के कागलनगर गोल्डन टाउन स्थित साटिन पिंक सैलून की आड़ में करीब ₹2.51 करोड़ की कथित ठगी का मामला सामने आया है। बिष्टुपुर ओल्ड सर्किट हाउस एरिया निवासी शुभंकर चटर्जी की लिखित शिकायत पर सोनारी पुलिस ने सैलून संचालक दंपती और उनके बेटे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने गोल्डन टाउन डुप्लेक्स नंबर-19 निवासी पूनम अरोड़ा, उनके पति सन्नी अरोड़ा और बेटे सक्षम अरोड़ा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धाराओं 316(2), 318(4), 351(3), 61(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।

लोन से लेकर बिजनेस पार्टनरशिप तक… अलग-अलग तरीके से रकम लेने का आरोप……..
प्राथमिकी के अनुसार, दिसंबर 2024 से मई 2026 के बीच आरोपियों ने अलग-अलग लोगों को फ्रेंडली लोन, बिजनेस पार्टनरशिप तथा साटिन पिंक सैलून में निवेश का प्रस्ताव दिया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें रकम पूरी तरह सुरक्षित रहने और निर्धारित अवधि के बाद भारी मुनाफे के साथ वापस किए जाने का भरोसा दिलाया गया। इसी भरोसे के आधार पर अलग-अलग लोगों से लाखों रुपये लिए गए।
शिकायत में कुल 13 लोगों से ₹2,51,80,000 लिए जाने का आरोप लगाया गया है…..
व्हाट्सऐप चैट से बैंक ट्रांजेक्शन तक, पुलिस खंगालेगी पूरा नेटवर्क…….
मामले की जांच में पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल रकम का पूरा फाइनेंशियल ट्रेल सामने लाने का है। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस को व्हाट्सऐप चैट, पेमेंट रिसीप्ट, बैंक ट्रांसफर रिकॉर्ड और ऑडियो रिकॉर्डिंग समेत कई साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं. पुलिस आरोपियों और सैलून से जुड़े बैंक खातों, यूपीआई आईडी तथा कथित रूप से इस्तेमाल किए गए तीसरे पक्ष के खातों की जांच करेगी। इसके जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि शिकायतकर्ताओं से प्राप्त रकम किन-किन खातों में गई और बाद में उसका इस्तेमाल कहां किया गया. इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच, लेन-देन से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण तथा कथित रकम से अर्जित चल-अचल संपत्ति की जानकारी भी जुटाई जा सकती है।
सिर्फ तीन आरोपी या बड़ा नेटवर्क? जांच में खुलेगा राज…….
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कथित धोखाधड़ी के मामले में केवल तीन नामजद आरोपी ही शामिल हैं या रकम जुटाने, खातों के इस्तेमाल अथवा रकम को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने में अन्य लोगों की भी भूमिका रही है. फिलहाल पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद ही कथित ठगी की रकम, लेन-देन की वास्तविक स्थिति और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होगी।
