भुवनेश्वर : ओडिशा में सतर्कता (विजिलेंस) विभाग की बड़ी कार्रवाई में सहायक कार्यकारी अभियंता बैकुंठनाथ बेहरा के विभिन्न ठिकानों से आय से अधिक संपत्ति के मामले में भारी मात्रा में नकदी, अचल संपत्तियों के दस्तावेज और अन्य मूल्यवान सामान बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद मामला पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया है।



जानकारी के अनुसार, विशेष सतर्कता न्यायाधीश, भुवनेश्वर द्वारा जारी तलाशी वारंट के आधार पर विजिलेंस की टीमों ने एक साथ नौ स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई भुवनेश्वर, बारिपदा, जाजपुर और बालीगुड़ा स्थित आवासों, कार्यालयों तथा अन्य संबंधित ठिकानों पर की गई. जांच के दौरान कई बहुमंजिला भवनों, भूखंडों और अन्य अचल संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। प्रारंभिक जांच में पांच इमारतों और 14 से अधिक प्लॉटों की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, कुछ संपत्तियां रिश्तेदारों के नाम पर होने की भी आशंका है, जिसकी जांच की जा रही है।
विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि तलाशी के दौरान बैंक लॉकरों से करीब दो करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा आवासीय परिसरों से भी नकदी, सोने के आभूषण, बैंक जमा और निवेश संबंधी दस्तावेज मिले हैं। बरामद संपत्तियों का विस्तृत मूल्यांकन किया जा रहा है तथा वास्तविक बाजार मूल्य सामने आने के बाद संपत्ति का कुल आंकड़ा और बढ़ सकता है. आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक बैकुंठनाथ बेहरा ने वर्ष 1999 में जूनियर इंजीनियर के रूप में सरकारी सेवा शुरू की थी। उस समय उनका मासिक वेतन लगभग छह हजार रुपये था। बाद में पदोन्नति के बाद वे सहायक कार्यकारी अभियंता बने। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सरकारी सेवा के दौरान इतनी बड़ी संपत्ति कैसे अर्जित की गई।
विजिलेंस विभाग का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी संपत्तियों, बैंक खातों तथा निवेशों की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय को सौंपी जाएगी. इस कार्रवाई के बाद राज्यभर में सरकारी अधिकारियों की संपत्तियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है और लोग मामले में आगे होने वाले खुलासों पर नजर बनाए हुए हैं।



