इंफाल : Manipur में जारी अशांति के बीच 18 अप्रैल से लागू पूर्ण बंद के कारण जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है। इस आंदोलन की सबसे प्रमुख विशेषता महिलाओं की सक्रिय और उग्र भागीदारी है, जो सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही हैं. राज्य में पिछले तीन वर्षों से जारी हिंसा के बीच यह पहला अवसर माना जा रहा है, जब पारंपरिक महिला समूह Meira Paibi इतनी आक्रामक भूमिका में सामने आए हैं। महिलाएं दिन के समय सड़कों को जाम कर धरना-प्रदर्शन कर रही हैं, जिससे न पुलिस की आवाजाही संभव हो पा रही है और न ही आम लोगों की।


















वहीं, रात के समय यही महिलाएं मशाल जुलूस निकालकर आंदोलन को और धार दे रही हैं। Ukhrul सहित कई इलाकों में मशाल जुलूसों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे पूरे राज्य में विरोध की आवाज और तेज हो गई है. Imphal West में सड़क जाम कर रहीं एक प्रदर्शनकारी रीमा ने बताया कि हर क्षेत्र में स्थानीय क्लब और मीरा पैइबी समूह सक्रिय हैं, जो महिलाओं को संगठित कर आंदोलन को मजबूत बना रहे हैं।
एक अन्य महिला प्रदर्शनकारी ने कहा कि घर की जिम्मेदारियों के साथ आंदोलन में शामिल होना और आजीविका की चिंता—तीनों को एक साथ संभालना चुनौतीपूर्ण है। इसके बावजूद वह इसे अपनी नैतिक जिम्मेदारी मानते हुए पूरी सक्रियता के साथ आंदोलन में भाग ले रही हैं. राज्य में जारी इस आंदोलन ने सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर गहरा प्रभाव डाला है, जहां महिलाओं की बढ़ती भूमिका को निर्णायक माना जा रहा है।
