चाईबासा : सदर अस्पताल चाईबासा एक बार फिर सवालों के कठघरे में है। आरोप है कि अस्पताल में संक्रमित खून चढ़ाए जाने के कारण एक ही परिवार के तीन सदस्य—तीन साल का मासूम बच्चा, उसकी मां और पिता—एचआईवी पॉजिटिव हो गए। इस खुलासे के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है।


पीड़ित परिवार का कहना है कि अस्पताल की इस घोर लापरवाही ने उनकी पूरी जिंदगी अंधेरे में धकेल दी है। जिस अस्पताल को जीवन बचाने का मंदिर कहा जाता है, वहीं से परिवार को ऐसी बीमारी मिली, जिसने उन्हें सामाजिक और मानसिक रूप से तोड़ दिया।
पहले प्रसव में ही बोया गया संक्रमण का बीज…….
परिवार के अनुसार, जनवरी 2023 में महिला का पहला प्रसव सदर अस्पताल चाईबासा में हुआ था। उस दौरान खून की जरूरत बताकर अस्पताल के ब्लड बैंक से खून चढ़ाया गया। आरोप है कि यही खून एचआईवी संक्रमित था।
इसके बाद महिला दोबारा गर्भवती हुई। जांच में वह एचआईवी पॉजिटिव पाई गई। बाद में पति की जांच कराई गई, जिसमें वह भी संक्रमित निकला। जनवरी 2026 में जन्मे दूसरे बच्चे की जांच हुई तो वह भी एचआईवी पॉजिटिव पाया गया।
अब सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि तीन साल पहले जन्मा पहला बच्चा भी एचआईवी पॉजिटिव निकला है।
परिवार का आरोप – पहले बुलाया, फिर नजरअंदाज किया……
परिवार का दावा है कि मंगलवार को उन्हें एचआईवी पॉजिटिव की पुष्टि के बाद अस्पताल बुलाया गया था, लेकिन जब वे पहुंचे तो कोई ठोस जवाब नहीं मिला। परिवार ने सवाल उठाया है कि
संक्रमित खून की जांच क्यों नहीं हुई?
ब्लड बैंक की जिम्मेदारी किसकी है?
क्या गरीब मरीजों की जिंदगी की कोई कीमत नहीं?
स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप…..
मामला सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है। एचआईवी संक्रमण कैसे हुआ, इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं। मेडिकल रिकॉर्ड, ब्लड ट्रांसफ्यूजन की तारीख और डोनर से जुड़ी जानकारी खंगाली जा रही है।
हालांकि सवाल यह है कि जब पहले भी इसी अस्पताल पर संक्रमित खून चढ़ाने के आरोप लग चुके हैं, तो अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
सवाल जो पूरे सिस्टम से पूछे जाने चाहिए…….
क्या अस्पतालों में मरीज सुरक्षित हैं?
क्या ब्लड बैंक सिर्फ कागजों में सुरक्षित हैं?
क्या हर हादसे के बाद सिर्फ जांच और आश्वासन ही मिलेगा?
यह मामला सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर लगा बेहद गंभीर आरोप है। अगर समय रहते जवाबदेही तय नहीं हुई, तो न जाने कितने और परिवार इस खामोश मौत के शिकार बनेंगे।
