जमशेदपुर : बिष्टुपुर स्थित डीडी बार में हुई हिमांशु सिंह हत्याकांड और प्रत्युष सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए जांच की प्रगति सार्वजनिक की है। पुलिस के अनुसार, घटना पूरी तरह पूर्व नियोजित थी। मामूली विवाद के बाद मुख्य आरोपी विश्वनाथ लोहरा उर्फ बोदरा ने अपने गांव से साथियों को बुलाया, जिसके बाद धारदार और घातक हथियारों से लैस होकर आरोपियों ने हिमांशु सिंह और प्रत्युष सिंह पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में भर्ती कराया गया।

पुलिस ने बताया कि पीड़ित पक्ष की लिखित शिकायत के आधार पर बिष्टुपुर थाना कांड संख्या-84/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया, जिसने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मानवीय सूचना के आधार पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया।
दो आरोपी गिरफ्तार, तीन विधि-विरुद्ध बालक निरुद्ध……
SIT की त्वरित कार्रवाई में 28 जून को सोनू राम सरदार उर्फ सोनू मंडल और राज लोहार को गिरफ्तार किया गया। राज लोहार के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक छोटी कुल्हाड़ी भी बरामद की गई। वहीं जांच के दौरान 30 जून और 2 जुलाई को कुल तीन विधि-विरुद्ध बालकों को भी निरुद्ध किया गया।
पुलिस पर हमला, हिरासत से आरोपी को छुड़ाकर फरार कराया…….
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, घटना के दौरान आरोपियों ने पुलिस बल पर भी हमला किया। पुलिस पदाधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट कर पुलिस अभिरक्षा में लिए गए आरोपी को जबरन छुड़ाकर फरार करा दिया। इस मामले में सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस पर हमला तथा आरोपी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने सहित अन्य गंभीर धाराओं में अलग से मामला दर्ज किया गया है।
कई राज्यों में छिपे हैं फरार आरोपी, लगातार हो रही छापेमारी…….
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कांड के कई वांछित आरोपी गिरफ्तारी के डर से झारखंड छोड़कर अन्य राज्यों में फरार हो गए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच लगातार जारी है।
जांच में मिले अहम साक्ष्य……
SIT ने घटनास्थल से खून के नमूने, रक्तरंजित चप्पल, आरोपियों की मोटरसाइकिल, CCTV फुटेज और DVR जब्त किए हैं। इसके अलावा घायल हिमांशु सिंह और प्रत्युष सिंह के रक्तरंजित कपड़े तथा आरोपी राज लोहार के कपड़े भी साक्ष्य के रूप में जब्त किए गए हैं। तीन वाहनों को भी जांच के दौरान जब्त किया गया है. पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अनुसंधान तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।

