जमशेदपुर। 28 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ताओं ने पूर्वी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर सौरव डे के खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात और रकम वापस नहीं करने के आरोप में कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि आरोपी ने भरोसे में लेकर उनसे कुल 28 लाख रुपये लिए और रकम वापस करने के साथ लाभ देने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में न तो लाभ दिया और न ही मूलधन लौटाया. शिकायत के मुताबिक, आरोपी सौरव डे ने खुद को भरोसेमंद मित्र बताते हुए निवेश के नाम पर निश्चित लाभ और मूलधन की पूरी गारंटी का आश्वासन दिया था। उसके भरोसे पर शिकायतकर्ताओं ने अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से कुल 28 लाख रुपये दिए। आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा और बाद में फोन कॉल व संदेशों का जवाब देना भी बंद कर दिया।

थाने में समझौता, फिर भी नहीं लौटाई रकम
रकम वापस मांगने के बाद मामला बिरसानगर थाना पहुंचा। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, 10 अगस्त 2026 को आरोपी ने बिरसानगर थाना में एक समझौता नामा दिया, जिसमें कुल 28 लाख रुपये की देनदारी स्वीकार करने की बात कही गई। कथित समझौते में आरोपी ने पहले चरण में 6 लाख रुपये देने तथा शेष रकम करीब डेढ़ वर्ष की अवधि में किस्तों में लौटाने की बात कही थी. हालांकि शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि निर्धारित तिथि बीत जाने के बावजूद आरोपी ने 6 लाख रुपये भी नहीं दिए और मूलधन की कोई राशि वापस नहीं की। इसके बाद शिकायतकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक से मामले में हस्तक्षेप कर कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है।
28 लाख की रकम वापस कराने की मांग
शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ मामले की जांच शुरू करने, कथित रूप से बकाया 28 लाख रुपये ब्याज सहित वापस दिलाने के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने तथा भविष्य में आरोपी द्वारा किसी अन्य व्यक्ति के साथ इस तरह की धोखाधड़ी न किए जाने को सुनिश्चित करने की मांग की है. शिकायत के साथ समझौता नामे की प्रति, बैंक स्टेटमेंट एवं भुगतान लेनदेन के प्रमाण, व्हाट्सऐप चैट/कॉल रिकॉर्ड और शिकायतकर्ताओं के पहचान पत्र सहित अन्य दस्तावेज संलग्न किए जाने की बात कही गई है।


























































