दिल्ली : स्क्रैप माफिया रवि काना और उसकी महिला मित्र काजल झा को थाईलैंड पुलिस ने शुक्रवार को इंटरपोल के माध्यम से भारत डिपोर्ट किया। नॉलेज पार्क थाना पुलिस और स्वाट टीम ने दिल्ली एयरपोर्ट से दोनों को गिरफ्तार किया। थाईलैंड पुलिस ने मंगलवार को रवि काना और काजल झा को बैंकॉक में पकड़ा था। शनिवार को दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। स्क्रैप माफिया रवि काना की महिला मित्र काजल झा के पिता स्क्रैप माफिया रवि काना के काले कारोबार में मुंशी का काम देखते थे। इसी बीच काजल झा स्क्रैप माफिया रवि काना के सम्पर्क में आ गई। रवि की दोस्ती ने उसे गैंगस्टर बना दिया। इसके बाद वह मालकिन बन गई। काजल झा माफिया के काले कारोबार के फाइनेंस का काम देखती थी। कंपनियों का लेखा-जोखा काजल झा के पास रहता था।
मूल रूप से बिहार के रहने वाले सुनील कुमार ग्रेटर नोएडा की जेपी ग्रीन सोसाइटी में रहते हैं। पुलिस के मुताबिक सुनील कुमार स्क्रैप माफिया रवि काना के यहां मुंशी का काम देखते थे। करीब आठ साल पहले माफिया ने मुंशी की बेटी काजल झा को अपने गैंग में शामिल कर लिया। काजल झा ग्रेटर नोएडा के एक कॉलेज से बीकॉम की पढ़ाई कर चुकी है। इसके चलते माफिया ने गैंग में उसे फाइनेंस का काम देखने के लिए जिम्मेदारी दे दी। काजल झा धीरे-धीरे माफिया रवि काना की करीबी होती चली गई और वह मालकिन बन गई। रवि ने काजल के नाम पर दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में एक बंगला खरीदा। बंगले में रहकर काजल झा लाइफ स्टाइल जिंदगी जी रही थी। काजल झा महंगे कपड़े, जूते, घड़ी चश्मा और अच्छे खानपान की शौकीन है। पुलिस की गिरफ्तारी के दौरान भी काजल ब्रांडेड कपड़े, जूते और टोपी पहने हुए दिखाई दी।
स्क्रैप माफिया रवि काना के परिवार ने भी उसकी जान को लेकर चिंता जाहिर की है। माफिया की मां ने चार दिन पहले सोशल मीडिया के जरिए पोस्ट शेयर कर बेटे की जान की सुरक्षा की गुहार लगाई थी। रवि की मां ने पूर्व में हुए छोटे बेटे की हत्या का भी जिक्र किया था, जिसके चलते उसे अब अपने बेटे रवि की हत्या का डर सता रहा है।
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