जमशेदपुर : टीएमएच में इलाजरत मरीज के लिए देर रात दवा खरीदने निकले परिजनों को उस समय परेशानी का सामना करना पड़ा, जब एक ही दवा की कीमत को लेकर बड़ा अंतर सामने आया। परिजनों के मुताबिक, टीएमएच के सामने स्थित एक मेडिसिन दुकान पर दवा के लिए करीब 9,500 रुपये की मांग की गई। इसके बाद जब उन्होंने साकची में उसी दवा की तलाश की, तो वही दवा एक अन्य मेडिकल दुकान से 5,300 रुपये में मिल गई।


परिजनों के अनुसार, दवा के पैकेट पर MRP 9,749.88 रुपये दर्ज थी। तत्काल दवा की जरूरत होने के कारण उन्होंने पहले टीएमएच के सामने स्थित दुकान से दवा लेने का प्रयास किया। वहां दवा उपलब्ध नहीं होने की बात कहते हुए उसे मंगाने की बात कही गई और करीब 9,500 रुपये की कीमत बताई गई. दवा की कीमत सुनकर परिजनों ने दूसरे स्थान पर तलाश शुरू की। साकची पहुंचने पर उन्हें कथित तौर पर वही दवा 5,300 रुपये में मिल गई। इस तरह दोनों जगह बताई गई कीमत में करीब 4,200 रुपये का अंतर सामने आया।
कीमत के अंतर ने खड़े किए सवाल…..
दवा की कीमत में इतना बड़ा अंतर सामने आने के बाद मरीज के परिजनों में नाराजगी देखी गई। उनका सवाल है कि जब वही दवा साकची में 5,300 रुपये में उपलब्ध थी, तो टीएमएच के सामने स्थित दुकान पर उसके लिए करीब 9,500 रुपये की मांग क्यों की गई. हालांकि, पूरे मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले दोनों दुकानों के खरीद-बिक्री बिल, दवा का बैच नंबर, सप्लाई रिकॉर्ड और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच जरूरी है। इन्हीं दस्तावेजों से यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों जगह कीमत में इतना बड़ा अंतर किन परिस्थितियों में सामने आया।
मरीजों के परिजनों ने मांगी पारदर्शिता……
इलाज के दौरान दवा की तत्काल जरूरत मरीज के परिजनों के लिए पहले ही बड़ी चिंता होती है। ऐसे में एक ही दवा की कीमत में हजारों रुपये का अंतर सामने आने से दवा की बिक्री और कीमतों में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है. परिजनों ने पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि जरूरी दवाओं की कीमत और बिक्री में स्पष्टता होनी चाहिए, ताकि इलाज की मजबूरी के बीच मरीज के परिजनों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े. अब देखना यह है कि संबंधित दवा के बिल और खरीद-बिक्री के दस्तावेजों की जांच के बाद कीमत में सामने आए इस बड़े अंतर की वास्तविक वजह क्या निकलकर सामने आती है।
