आदित्यपुर। औद्योगिक क्षेत्र आदित्यपुर में स्क्रैप परिवहन करने वाले वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई स्क्रैप लदे वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किए बिना खुले में सामग्री लेकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। वाहनों में स्क्रैप को सही तरीके से नहीं ढकने और सुरक्षित नहीं करने के कारण रास्ते में लोहे के टुकड़े गिरने, धूल उड़ने तथा सड़क पर अन्य वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा होने की स्थिति बनी रहती है।

नागरिकों के अनुसार, स्क्रैप के टुकड़े सड़क पर गिरने से दोपहिया चालकों के लिए विशेष खतरा रहता है। कई बार टायर पंक्चर होने अथवा अचानक सामने सामग्री आ जाने से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा खुले में स्क्रैप ढोने से धूल-मिट्टी फैलने की समस्या भी सामने आती है।
नियम सभी के लिए बराबर या प्रभावशाली वाहनों के लिए अलग?…….
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा और परिवहन से जुड़े नियम छोटे-बड़े सभी कारोबारियों तथा औद्योगिक प्रतिष्ठानों के वाहनों पर समान रूप से लागू होने चाहिए। किसी कारोबारी प्रभाव अथवा रसूख के कारण नियमों के पालन में कथित तौर पर ढिलाई की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए. लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि आदित्यपुर में कुछ चर्चित सफेदपोश लोगों से जुड़े स्क्रैप कारोबार और उसके परिवहन को लेकर सवाल उठते रहे हैं। हालांकि इन चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में नागरिकों का सवाल है कि यदि कोई वाहन सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई क्यों नहीं होती?
नियमित जांच की मांग……
नागरिकों ने प्रशासन और परिवहन विभाग से स्क्रैप लदे वाहनों की नियमित जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि वाहनों में स्क्रैप को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप ढकने और मजबूती से सुरक्षित करने के बाद ही सड़क पर परिचालन की अनुमति दी जानी चाहिए।
नागरिकों के मुताबिक, नियमित जांच और नियमों का सख्ती से पालन कराने से सड़क पर स्क्रैप गिरने, धूल फैलने तथा दुर्घटनाओं की आशंका को काफी हद तक कम किया जा सकता है. अब बड़ा सवाल यह है कि आदित्यपुर की सड़कों पर स्क्रैप परिवहन करने वाले वाहनों की जांच कितनी नियमित है और नियम तोड़ने वालों पर कितनी कार्रवाई होती है? नागरिकों की निगाह अब प्रशासन और परिवहन विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
